राजस्थान में सैनिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए स्कूली छात्रों ने एक खास ऐप लॉन्च किया है. इस AI ऐप को 'वीरसहारा' नाम दिया गया है. इस ऐप के जरिए सैनिकों और उनकी फैमिली को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी और उन तक इन योजनाओं की पहुंच आसानी बनेगी. इस ऐप को जयपुर के स्कूली छात्रों ने लॉन्च किया है.
2 छात्रों ने लॉन्च किया है ऐप-
यह AI-समर्थित डिजिटल प्लेटफॉर्म जयश्री पेरीवाल इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा 12 के 2 छात्रों कनिष्क रूंगटा और कृषा रूंगटा ने विकसित किया है. इसकी लॉन्चिंग राजस्थान सरकार के सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की मौजूदगी में हुआ.
कैसे डिजाइन किया गया है ऐप?
वीरसहारा को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, आश्रित और शहीद परिवार अपनी पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें और सीधे आवेदन लिंक तक पहुंच सकें. सरल और यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस वाले इस प्लेटफॉर्म पर दी गई जानकारी के आधार पर यूजर्स को उन योजनाओं और लाभों से अवगत किया जाता है, जिनके लिए वे पात्र हो सकते हैं. लॉन्च के कुछ ही समय में ही 2000 से अधिक परिवार इस ऐप का लाभ उठा चुके हैं
राज्यवर्धन राठौड़ ने की तारीफ-
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि कि युवा विद्यार्थियों की यह पहल अत्यंत सराहनीय है. वीरसहारा का डिजाइन अलग है, यह बहुत यूजर-फ्रेंडली है और मौजूदा समय की एक वास्तविक जरूरत को पूरा करता है. यह रक्षा परिवारों को सम्मान, पारदर्शिता और सहजता के साथ जानकारी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
कर्नल राठौड़ ने यह भी कहा कि इस तरह के मॉडल को शासन-प्रशासन के अन्य क्षेत्रों में भी अपनाने की संभावनाएं हैं. उन्होंने प्लेटफॉर्म की सरल संरचना और गाइडेड एक्सेस का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में भी इसी तरह की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि नागरिकों, उद्यमियों और कारोबारियों को सरकारी योजनाओं, नीतियों और सहायता तंत्र से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर सरल तरीके से मिल सके.
कनिष्ठ ने बताया ऐप का मकसद-
ऐप विकसित करने वाले कनिष्क रूंगटा ने कहा कि हमने महसूस किया कि कई लाभार्थियों को उपलब्ध सहायता तक पहुंचने में कठिनाई होती है, क्योंकि पूरी प्रक्रिया कई बार जटिल और समझने में मुश्किल लगती है. वीरसहारा के जरिए हमारा प्रयास इस प्रक्रिया को सरल बनाना है, ताकि सैनिक परिवारों के लिए कल्याणकारी सहायता को समझना और पाना आसान हो सके.
यह तकनीक के साथ सम्मान देने का तरीका भी है- कृषा
कृषा रूंगटा ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं है. यह उन परिवारों के लिए प्रक्रिया को आसान और सम्मानजनक बनाने का प्रयास है, जिन्होंने देश के लिए इतना बड़ा योगदान दिया है. हमारी कोशिश थी कि हम कुछ ऐसा बनाएं जो सार्थक भी हो और आसानी से सब तक पहुंच भी सके.
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