अगर फंस गए लिफ्ट में.. तो घबराने से नहीं बनेगी बात, जानें कैसे बुलाए मदद?

अगर आप किसी लिफ्ट में फंस जाएं तो जानें कि आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. साथ ही किन चीज़ों को करने से खुद को रोकना चाहिए.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:33 PM IST

आज के समय में ऊंची इमारतों में लिफ्ट हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुकी है. ऑफिस, मॉल, अस्पताल या अपार्टमेंट हर जगह लिफ्ट के बिना चलना मुश्किल लगता है. लेकिन कई बार टेक्निकल खराबी या बिजली कटने की वजह से लिफ्ट बीच रास्ते में रुक जाती है.

यही वो पल होता है जब डर सबसे ज्यादा महसूस होता है. हालांकि, लिफ्ट में फंसना अपने आप में उतना खतरनाक नहीं होता जितना कि पैनिक होकर लिया गया गलत फैसला. इसलिए जरूरी है कि आपको पहले से पता हो कि ऐसी सिचुएशन में क्या करना चाहिए और किन बातों से बिल्कुल बचना चाहिए.

खुद को रखें काम
लिफ्ट अचानक रुकते ही सबसे जरूरी है खुद को कंट्रोल में रखना चाहिए. घबराहट बढ़ने से सांस तेज चल सकती है, चक्कर आने लगता है और दिमाग सही फैसला नहीं ले पाता.

ऐसे में सबसे पहले धीरे-धीरे गहरी सांस लें और खुद को समझाएं कि मदद जरूर आएगी. इसके बाद लिफ्ट के कंट्रोल पैनल पर मौजूद कॉल बटन या पैनिक बटन दबाएं. इससे बिल्डिंग की सिक्योरिटी या मेंटेनेंस टीम को तुरंत अलर्ट मिल जाता है. जिससे वह मदद के लिए आते हैं.

मदद मांगने के सही तरीके
लिफ्ट में मौजूद अलार्म बटन दबाने से बाहर के लोगों को भी संकेत मिल जाता है कि कोई अंदर फंसा हुआ है. अगर तुरंत जवाब न मिले तो दरवाजे या दीवार पर हल्के से थपथपाएं. साथ ही साफ और लगातार आवाज में मदद मांगें. जोर-जोर से चिल्लाने के बजाय शांत तरीके से बोलें, जिससे कोई आपकी बात समझ सके.

ये गलतियां बिल्कुल न करें
लिफ्ट में फंसने के बाद सबसे बड़ी और खतरनाक गलती होती है, जबरदस्ती दरवाजा खोलने की कोशिश करना. कई बार लिफ्ट दो मंजिलों के बीच अटक जाती है. ऐसे में बाहर निकलने की कोशिश आपकी जान को खतरे में डाल सकती है. इसलिए इन कामों से बचें. जैसे दरवाजे को धक्का देकर खोलना, ऊपर-नीचे कूदना या निकलने की कोशिश करना, लिफ्ट के दरवाजे के बीच हाथ/पैर डालना. अगर अंदर घुटन या बेचैनी महसूस हो रही हो तो फर्श पर बैठ जाएं और धीरे-धीरे सांस लें. बैठने से शरीर स्थिर रहता है और घबराहट भी कम होती है.

ARD सिस्टम करेगा आपकी मदद
आजकल ज्यादातर मॉडर्न लिफ्टों में ARD (Automatic Rescue Device) लगा होता है. बिजली जाने की स्थिति में यह सिस्टम अपने आप एक्टिव हो जाता है और लिफ्ट की लाइट चालू रखता है, अंदर एयर फ्लो बनाए रखता है, रेस्क्यू सिस्टम को सपोर्ट करता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह सिस्टम करीब 17 घंटे तक काम कर सकता है, यानी घबराने की जरूरत नहीं होती मदद जरूर आती है.

 

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