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Toll Plaza E-Challan: इन गाड़ियों का कटेगा प्लाज़ा पर चालान, जानें कहीं टोल देने की जगह न देनी पड़े पेनल्टी

टोल प्लाजाओं पर ई-डिटेक्शन सिस्टम के ज़रिए वाहनों की जानकारी रियल-टाइम में चेक की जाएगी. इसमें नंबर प्लेट स्कैन कर इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, फिटनेस और परमिट की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.

Toll Plaza
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:48 AM IST

देशभर में एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है. रोज़ाना लाखों वाहन टोल प्लाजाओं से होकर गुजरते हैं, जिससे यात्रा पहले के मुकाबले कहीं ज़्यादा तेज़ और सुविधाजनक हो गई है. लेकिन अब इस सुविधा के साथ नियमों की सख्ती भी बढ़ा दी गई है. अगर आपकी गाड़ी के जरूरी दस्तावेज़ पूरे नहीं हैं या वे एक्सपायर हो चुके हैं, तो टोल प्लाजा पर ही आपका चालान कट सकता है.

अब टोल प्लाजाओं पर ई-डिटेक्शन सिस्टम के ज़रिए वाहनों की जानकारी रियल-टाइम में चेक की जाएगी. जैसे ही कोई वाहन टोल से गुजरेगा, कैमरे उसकी नंबर प्लेट स्कैन करेंगे. इसके बाद वाहन का डेटा सीधे सेंट्रल डेटाबेस से मिलाया जाएगा, जिसमें इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, फिटनेस और परमिट की जानकारी शामिल होगी.

उत्तर प्रदेश से होगी शुरुआत
ई-डिटेक्शन सिस्टम की शुरुआत उत्तर प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे से की जा रही है. यहां टोल प्लाजाओं पर लेटेस्ट कैमरे लगाए गए हैं, जो ऑटोमैटिकली काम करेंगे. अगर किसी भी दस्तावेज़ की वैधता समाप्त पाई जाती है या रिकॉर्ड अधूरा होता है, तो सिस्टम अपने आप ई-चालान जनरेट कर देगा. आगे चलकर इस व्यवस्था को अन्य हाईवे और रूट्स पर भी लागू किया जाएगा.

किन स्थितियों में कटेगा भारी जुर्माना?
अगर वाहन का इंश्योरेंस वैलिड नहीं पाया गया, तो लगभग 2,000 रुपए तक का चालान लगाया जा सकता है. पॉल्यूशन सर्टिफिकेट न होने की स्थिति में यह जुर्माना 10,000 रुपए तक पहुंच सकता है. फिटनेस सर्टिफिकेट की कमी पर पहली बार करीब 5,000 रुपए और दोबारा उल्लंघन पर 10,000 रुपए तक की पेनल्टी तय की गई है. इसके अलावा बिना वैध परमिट के वाहन चलाने पर भी लगभग 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा.

मोबाइल पर मिलेगी चालान की जानकारी
ई-चालान सीधे वाहन मालिक के नाम से जारी किया जाएगा और इसकी सूचना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी. इसलिए यह जरूरी है कि वाहन की रजिस्ट्रेशन डिटेल्स और संपर्क जानकारी सही और अपडेट हो. गलत या पुराना मोबाइल नंबर होने पर जरूरी सूचना समय पर नहीं मिल पाएगी, जिससे आगे परेशानी बढ़ सकती है.

 

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