वैश्विक तेल संकट और भारत स्वच्छ ईंधन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मारुति सुजुकी ने देश की पहली फ्लेक्स फ्यूल वैगनआर कार पेश कर दी है. 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है और उससे कंपनी ने ऐसी गाड़ी पेश की है, जो 85 प्रतिशत तक एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल से चलती है. इस खास लॉन्च पर खुद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी मौजूद रहे. पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ये बड़ा कदम माना जा रहा है.
क्या होता है फ्लेक्स फ्यूल?
फ्लेक्स फ्यूल ऐसी तकनीक है, जो पेट्रोल के लाथ-साथ एथेनॉल से तैयार की जाता है. इस प्रोसेस में लगभग 80 से 85 प्रतिशत एथेलॉल होता है और मात्र 15 से 20 प्रतिशत पेट्रोल की मिलावट की जाती है. भविष्य में ऐसी तकनीक पर काम चल रहा है, जिसमें कार पूरी तरह एथेनॉल पर चलेगी. एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है. इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे कच्चे तेल पर निर्भरता कम होती है और प्रदूषण में भी कमी आती है. यही वजह है कि दुनिया के कई देश लंबे समय से इस तकनीक को अपना रहे हैं और अब भारत भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
भविष्य में कितना बड़ा है इसका दायरा?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एथेनॉल आधारित ईंधन भारत की ऊर्जा जरूरतों का अहम हिस्सा बन सकता है. इससे किसानों को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि एथेनॉल उत्पादन के लिए कृषि क्षेत्र की मांग बढ़ेगी. सरकार भी लगातार एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा दे रही है. ऐसे में फ्लेक्स फ्यूल वाहन भविष्य में आम लोगों के लिए एक किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प बन सकते हैं. इससे ईंधन के दामों में भी कमी आ सकती है.
वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल में क्या है खास?
नई फ्लेक्स फ्यूल वैगनआर को सामान्य मॉडल की तुलना में कई तकनीकी बदलावों के साथ तैयार किया गया है. इसमें ईंधन आपूर्ति प्रणाली को मजबूत बनाया गया है और ऐसे पुर्जों का इस्तेमाल किया गया है जो एथेनॉल के साथ बेहतर तरीके से काम कर सकें. इसके इंजन को भी विशेष रूप से तैयार किया गया है, ताकि वह ईंधन में एथेनॉल की मात्रा के अनुसार खुद को ढाल सके. वाहन की प्रणाली रीयल टाइम में ईंधन मिश्रण को पहचानकर इंजन की कार्यप्रणाली को समायोजित करती है, जिससे प्रदर्शन, माइलेज और टिकाऊपन बेहतर बना रहता है.
वैगनआर को ही क्यों चुना गया?
वैगनआर लंबे समय से देश की सबसे लोकप्रिय कारों में शामिल रही है. शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक इसकी मजबूत मौजूदगी है. यही कारण है कि कंपनी ने अपनी पहली फ्लेक्स फ्यूल कार के लिए इसी मॉडल को चुना. इससे नई तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और बड़े स्तर पर इसकी स्वीकार्यता बढ़ सकती है.
कीमत को लेकर क्या जानकारी है?
फिलहाल कंपनी ने फ्लेक्स फ्यूल वैगनआर की कीमत और बाजार में बिक्री शुरू होने की तारीख का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है. अभी इसे तकनीकी प्रदर्शन के तौर पर पेश किया गया है. हालांकि माना जा रहा है कि कीमत को आम ग्राहकों की जेब को देख कर बनाया जाएगा, क्योंकि वैगनआर पहले से ही देश के मीडिल क्लास परिवारों की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली किफायती कारों में शामिल है.
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