Matrimonial Fraud: शादी का सपना दिखाकर खाली हो रहा बैंक अकाउंट, ऐसे जाल बिछा रहे साइबर ठग, गृह मंत्रालय ने जारी की चेतावनी

लाखों लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अपने लिए जीवनसाथी खोज रहे हैं. लेकिन इसी बढ़ते चलन का फायदा अब साइबर ठग भी उठा रहे हैं.

Matrimonial Fraud.(Photo: Representational)
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 08 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:35 PM IST

डिजिटल दौर में जीवनसाथी की तलाश का तरीका तेजी से बदल गया है. आज लाखों लोग मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स के जरिए अपने लिए उपयुक्त पार्टनर खोज रहे हैं. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने इस प्रक्रिया को आसान जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी का खतरा भी तेजी से बढ़ा है. गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने हाल ही में लोगों को मैट्रिमोनियल फ्रॉड को लेकर सतर्क किया है. एजेंसी के मुताबिक साइबर अपराधी शादी का झांसा देकर लोगों की भावनाओं से खेल रहे हैं और लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि इनके शिकार केवल आम लोग ही नहीं, बल्कि पढ़े-लिखे और आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी बन रहे हैं.

कैसे शुरू होता है मैट्रिमोनियल फ्रॉड?
इस तरह की ठगी की शुरुआत एक फर्जी ऑनलाइन पहचान से होती है. साइबर ठग किसी लोकप्रिय मैट्रिमोनियल वेबसाइट या ऐप पर आकर्षक प्रोफाइल बनाते हैं. वे खुद को डॉक्टर, इंजीनियर, सेना का अधिकारी, सफल बिजनेसमैन, मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाला प्रोफेशनल या विदेश में रहने वाला एनआरआई बताते हैं. प्रोफाइल में अच्छी नौकरी, मोटी सैलरी और शानदार लाइफस्टाइल दिखाकर सामने वाले का भरोसा जीतने की कोशिश की जाती है.

पहले भरोसा, फिर प्यार और आखिर में पैसों की मांग
प्रोफाइल बनने के बाद अपराधी बातचीत शुरू करते हैं. शुरुआत सामान्य परिचय से होती है, लेकिन कुछ ही दिनों में रोजाना चैट और कॉल के जरिए भावनात्मक रिश्ता बना लिया जाता है. जल्द ही शादी की इच्छा जताई जाती है और भविष्य की योजनाओं पर बात होने लगती है. जब ठग को लगता है कि सामने वाला उस पर पूरी तरह भरोसा करने लगा है, तब पैसों की मांग शुरू होती है. कभी विदेश से महंगे गिफ्ट भेजने का दावा किया जाता है, कभी कस्टम ड्यूटी भरने की बात कही जाती है. कई मामलों में टिकट, वीजा, ट्रैवल खर्च या मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे मांगे जाते हैं. रकम मिलते ही या तो संपर्क खत्म कर दिया जाता है या फिर नए बहाने से दोबारा पैसे मांगे जाते हैं.

I4C के मुताबिक ठगी का यही है पूरा पैटर्न
ज्यादातर मामलों में साइबर अपराधी एक तय रणनीति अपनाते हैं. सबसे पहले फर्जी प्रोफाइल तैयार की जाती है. इसके बाद लगातार बातचीत कर भरोसा बनाया जाता है. रिश्ता मजबूत होने से पहले ही शादी का प्रस्ताव रखा जाता है और फिर किसी न किसी बहाने आर्थिक मदद मांगी जाती है. यदि पहली बार पैसे मिल जाएं तो ठग नए-नए कारण बताकर दोबारा रकम मांगने की कोशिश करते हैं.

इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
ऑनलाइन रिश्ते में कुछ बातें खतरे की घंटी साबित हो सकती हैं. अगर कोई व्यक्ति बहुत कम समय में शादी की बात करने लगे, वीडियो कॉल से बचता रहे, अपनी पहचान साबित करने वाले दस्तावेज न दिखाए या हर बार कोई नया बहाना बनाए, तो सतर्क हो जाना चाहिए. इसी तरह अगर वह बार-बार भावनात्मक बातें करके मदद मांग रहा है या विदेश से गिफ्ट भेजने के नाम पर कस्टम चार्ज जमा कराने की बात कर रहा है, तो यह मैट्रिमोनियल फ्रॉड का हिस्सा हो सकता है.

खुद को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?
गृह मंत्रालय की सलाह है कि किसी भी ऑनलाइन प्रोफाइल पर आंख बंद करके भरोसा न करें. सबसे पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें. वीडियो कॉल पर बात करें, सोशल मीडिया प्रोफाइल का मिलान करें और नौकरी या कंपनी की जानकारी भी जांच लें. यदि रिश्ता गंभीर हो रहा है तो परिवार से बात कराने का अनुरोध करें. प्रोफाइल फोटो का रिवर्स इमेज सर्च करना भी फर्जी पहचान पकड़ने का आसान तरीका हो सकता है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल ऑनलाइन जान-पहचान के आधार पर कभी भी किसी को पैसे न भेजें.

ठगी हो जाए तो तुरंत उठाएं ये कदम
यदि आप या आपका कोई परिचित इस तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाए तो बिना देर किए कार्रवाई करें. सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और भारत सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें. जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, पैसे रिकवर होने की संभावना उतनी ही बढ़ सकती है. साथ ही चैट, स्क्रीनशॉट, प्रोफाइल लिंक, मोबाइल नंबर, ईमेल, यूपीआई आईडी, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य सभी डिजिटल सबूत सुरक्षित रखें.

क्यों खतरनाक है मैट्रिमोनियल फ्रॉड?
यह सामान्य ऑनलाइन ठगी से अलग होता है क्योंकि इसमें अपराधी सीधे पैसे नहीं मांगता. पहले वह भरोसा जीतता है, भावनात्मक रिश्ता बनाता है और फिर उसी रिश्ते का फायदा उठाकर ठगी करता है. शादी और भविष्य के सपने दिखाकर लोगों को मानसिक रूप से इतना जोड़ लिया जाता है कि कई पीड़ित लंबे समय तक यह स्वीकार ही नहीं कर पाते कि उनके साथ धोखा हुआ है. ऐसे मामलों में आर्थिक नुकसान के साथ भावनात्मक आघात भी काफी गहरा होता है.

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