Advertisement

ChatGPT से सामूहिक नकल का खुलासा! सागर यूनिवर्सिटी ने निजी कॉलेज का रिजल्ट रोका

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी ChatGPT का गलत इस्तेमाल अब शिक्षा व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनता नजर आ रहा है. सागर के डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में परीक्षा कॉपियों की जांच के दौरान सामूहिक नकल का चौंकाने वाला मामला सामने आया है.

Mass cheating via ChatGPT exposed
gnttv.com
  • सागर ,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:51 PM IST

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी ChatGPT का गलत इस्तेमाल अब शिक्षा व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनता नजर आ रहा है. सागर के डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में परीक्षा कॉपियों की जांच के दौरान सामूहिक नकल का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. छिंदवाड़ा के सौंसर स्थित एक निजी कॉलेज के छात्रों पर ChatGPT से उत्तर लिखकर परीक्षा देने का आरोप है. मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कॉलेज के सभी परीक्षा परिणामों पर रोक लगा दी है और जांच शुरू कर दी है.

जानकारी के अनुसार, मई माह में डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध 17 महाविद्यालयों में सेकंड, फोर्थ और सिक्स्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित हुई थीं. केंद्रीय मूल्यांकन प्रणाली के तहत सभी उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए सागर विश्वविद्यालय भेजी गईं.

अर्थशास्त्र विषय की एक कॉपी जांचते समय शिक्षक को उत्तर के अंत में लिखा मिला, 'पूरे उत्तर का वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें.' यह देखकर शिक्षक हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत परीक्षा नियंत्रक को इसकी जानकारी दी.

इसके बाद जब उसी कॉलेज की अन्य कॉपियों की जांच की गई तो सामने आया कि अधिकांश छात्रों ने लगभग एक जैसे उत्तर लिखे हैं. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि उत्तर ChatGPT से लेकर मोबाइल के माध्यम से कॉपी किए गए थे. इतना ही नहीं, यह मामला केवल एक विषय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तीन विषयों में इसी तरह की सामूहिक नकल के संकेत मिले.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छिंदवाड़ा के सतपुड़ा कॉलेज ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड बायोटेक्नोलॉजी के सभी परीक्षा परिणाम रोक दिए हैं. जबकि विश्वविद्यालय और अन्य संबद्ध महाविद्यालयों के परिणाम पहले ही जारी किए जा चुके हैं.

प्रशासन का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है. जांच रिपोर्ट के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने, परीक्षा केंद्र बदलने या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं. इस पूरे मामले ने AI तकनीक के दुरुपयोग और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

रिपोर्टर: हिमांशु पुरोहित

ये भी पढ़ें: 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement