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नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि पी' का डीआरडीओ ने किया सफल परीक्षण

मिसाइल ने उच्च स्तर की सटीकता के साथ सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा करते हुए टेक्स्ट बुक ट्रैजेक्ट्री का अनुसरण किया.  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल फ्लाइट टेस्टिंग के लिए डीआरडीओ को बधाई दी और सिस्टम के बेहतरीन प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की.

gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 18 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 2:05 PM IST
  • सटीकता के साथ सभी मिशन ऑब्जेक्टिव्स को किया पूरा
  • सटीकता के साथ सभी मिशन ऑब्जेक्टिव्स को किया पूरा

नई तकनीक और अपने होनहार वैज्ञानिकों की मदद से भारत रक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अपना लोहा मनवाने में लगा हुआ है. एक के बाद एक हो रहे सफल परीक्षण बताते हैं कि भारत दूसरे विकसित देशों से किसी भी मामले में पीछे नहीं है. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने आज 11:06 बजे ओडिशा के तट पर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से नई पीढ़ी की परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि पी' का सफलतापूर्वक परीक्षण किया. विभिन्न टेलीमेट्री, रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल स्टेशन और पूर्वी तट के साथ स्थित डाउन रेंज जहाजों ने मिसाइल ट्रैजेक्ट्री और पैरामीटर्स पर नजर रखी और पूरे परीक्षण को मॉनिटर किया.

सटीकता के साथ सभी मिशन ऑब्जेक्टिव्स को किया पूरा

मिसाइल ने उच्च स्तर की सटीकता के साथ सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा करते हुए टेक्स्ट बुक ट्रैजेक्ट्री का अनुसरण किया.  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल फ्लाइट टेस्टिंग के लिए डीआरडीओ को बधाई दी और सिस्टम के बेहतरीन प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की. रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ जी सतीश रेड्डी ने कई नई  विशेषताओं के साथ सेकेंड डेवलपमेंट फ्लाइट ट्रायल के लिए टीम के प्रयासों की सराहना की और इस कैलेंडर ईयर के भीतर लगातार सफलता के लिए बधाई दी.

पिछले तीन दशकों में भारत ने बनाई 5 अग्नि रेंज मिसाइल

अग्नि प्राइम का वजन इसके पिछले संस्करण की तुलना में हल्का है. अग्नि 1 मिसाइल सिंगल स्टेज मिसाइल थी, जबकि अग्नि प्राइम डबल स्टेज मिसाइल है. यह सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है. इस परमाणु सक्षम मिसाइल को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है. पिछले तीन दशकों में भारत ने 5 अग्नि रेंज मिसाइल बनाई  है. अग्नि प्राइम इस अग्नि रेंज की सबसे ज्यादा एडवांस्ड मिसाइल है. साल के आखिरी हफ्ते तक DRDO के कई और क्रूज और बैलिस्टिक सीरीज की एडवांस्ड मिसाइलों का ट्रायल करने की उम्मीद है.

 

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