पुणे में साइबर ठगों ने AI का इस्तेमाल कर एक कारोबारी से 1.07 करोड़ रुपए की ठगी कर ली. आरोपियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की डीपफेक वीडियो बनाकर उसे निवेश के लिए भरोसा दिलाया. इसके बाद फॉरेक्स ट्रेडिंग और एलन मस्क की कंपनी SpaceX के प्री-लिस्टिंग शेयरों में मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपए ऐंठ लिए.
इंस्टाग्राम पर दिखा फेक विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक, जून की शुरुआत में 56 वर्षीय कारोबारी को इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन दिखाई दिया. इसमें ऐसा लग रहा था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण खुद लोगों को फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करने और अच्छा मुनाफा कमाने की सलाह दे रही हैं. यह वीडियो AI की मदद से तैयार की गई डीपफेक वीडियो थी.
विज्ञापन पर क्लिक करते ही कारोबारी से एक व्यक्ति ने संपर्क किया और खुद को एक निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बताया. उसने कहा कि इस प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से अच्छा रिटर्न मिलेगा. बातचीत के दौरान कारोबारी से आधार कार्ड समेत कई निजी दस्तावेज भी ले लिए गए.
ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर अकाउंट खुलवाया
अगले दिन एक अन्य व्यक्ति ने टेलीग्राम पर संपर्क किया और खुद को रिलेशनशिप मैनेजर बताया. उसने कारोबारी का एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर अकाउंट खुलवाया. इसके लिए कैंसिल चेक समेत कुछ अन्य दस्तावेज भी जमा कराए गए. इसके बाद बिजनेसमैन ने पहली बार 20,341 रुपए निवेश किए. यह रकम तुरंत ट्रेडिंग अकाउंट में दिखाई देने लगी. भरोसा बढ़ाने के लिए ठगों ने कारोबारी के बैंक खाते में 1,000 रुपए भेजे और इसे पहले निवेश का मुनाफा बताया.
SpaceX के प्री-लिस्टिंग शेयरों का लालच देकर करोड़ों ऐंठे
जब कारोबारी को प्लेटफॉर्म पर भरोसा हो गया तो आरोपियों ने उसे एलन मस्क की कंपनी SpaceX के प्री-लिस्टिंग शेयर खरीदने का ऑफर दिया. दावा किया गया कि इससे कुछ ही समय में कई गुना मुनाफा मिलेगा. 2 जून से 23 जुलाई के बीच कारोबारी ने अलग-अलग बैंक खातों में 36 बार पैसे ट्रांसफर किए. इस दौरान उसने कुल 1.07 करोड़ रुपए निवेश कर दिए. फर्जी ट्रेडिंग डैशबोर्ड पर उसकी रकम लगातार बढ़ती हुई दिखाई जाती रही.
7 लाख निकलने दिए फिर 3.98 करोड़ दिखाकर फंसा लिया
ठगों ने भरोसा और मजबूत करने के लिए कारोबारी को एक बार करीब 7 लाख रुपए निकालने भी दिए. इसके बाद उसने वही रकम दोबारा निवेश कर दी. कुछ समय बाद ऑनलाइन अकाउंट में निवेश की कुल वैल्यू करीब 3.98 करोड़ रुपए दिखाई जाने लगी. लेकिन जब कारोबारी ने पूरी रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने पहले और पैसे जमा करने की मांग की. इसके बाद उन्होंने जवाब देना ही बंद कर दिया.
साइबर पुलिस कर रही जांच
खुद के साथ ठगी का एहसास होने पर कारोबारी ने पहले नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद पुणे साइबर पुलिस में FIR दर्ज कराई गई. पुलिस अब इस मामले में इस्तेमाल हुए बैंक खातों, डिजिटल ट्रेल और आरोपियों की पहचान करने में जुटी है.