एमपी के भोपाल में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कोलार इलाके में एक महिला ने सिम दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कराया और नई सिम एक्टिवेट होने के अगले ही दिन उसके बैंक खाते से रकम निकलने लगी. खाते से पैसे कटने का मैसेज देखकर महिला ने इंटरनेट पर बैंक का कस्टमर केयर नंबर खोजकर फोन किया. दूसरी तरफ मौजूद ठग ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और महिला से मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, जन्मतिथि समेत निजी जानकारी हासिल कर ली. इसके बाद अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उसके खाते से करीब 2.10 लाख रुपए पार कर दिए गए. शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
24 अगस्त को कराया सिम पोर्ट, 26 को हुआ एक्टिवेट
जानकारी के मुताबिक महिला ने 24 अगस्त को कोलार रोड स्थित डी-मार्ट चौराहे के पास एक मोबाइल दुकान से अपना मोबाइल नंबर दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कराने की प्रक्रिया पूरी की थी. 26 अगस्त को नई सिम एक्टिवेट हो गई. इसके अगले ही दिन 27 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे महिला के मोबाइल पर बैंक खाते से 70,050 रुपए निकलने का मैसेज आया.
अचानक खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने पर महिला घबरा गई. उसने बैंक से संपर्क करने के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया. महिला ने जिस नंबर पर फोन किया, वहां मौजूद व्यक्ति ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया और खाते में हुई गड़बड़ी ठीक करने की बात कही.
कस्टमर केयर बनकर जानकारी ली
कथित बैंक कर्मचारी ने बातचीत के दौरान महिला से मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, जन्मतिथि समेत कई निजी जानकारियां पूछीं. महिला ने बैंक कर्मचारी समझकर जानकारी साझा कर दी. इसके बाद उसके बैंक खाते से लगातार ट्रांजेक्शन होने लगे. बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक 27 अगस्त को खाते से 9,890 रुपए, 9,972 रुपए, 9,980 रुपए और 70,050 रुपए निकाले गए. इसके बाद 1 सितंबर को 1,09,694.25 रुपए की एक और बड़ी रकम खाते से निकाल ली गई. इस तरह अलग-अलग ट्रांजेक्शन में महिला के खाते से करीब 2.10 लाख रुपए गायब हो गए.
सिम पोर्ट और ठगी के बीच कनेक्शन की जांच
लगातार रकम निकलने के बाद महिला बैंक पहुंची. बैंक से खाते में हुए सभी ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलने के बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. मामले में अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सिम पोर्ट कराने के बाद महिला तक ठगों की पहुंच कैसे हुई.पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि महिला की निजी जानकारी ठगों तक कैसे पहुंची और क्या सिम पोर्ट कराने की प्रक्रिया के दौरान किसी स्तर पर उसका डेटा लीक हुआ. साथ ही इंटरनेट पर मौजूद फर्जी बैंक कस्टमर केयर नंबर और उसके पीछे सक्रिय साइबर ठगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है.
एडिशनल डीसीपी बोले- जल्द पकड़ेंगे साइबर ठग
एडिशनल डीसीपी अनिल शर्मा ने बताया कि कोलार में एक महिला के साथ साइबर ठगी की शिकायत मिली है. महिला ने सिम पोर्ट कराया था. इसके बाद कस्टमर केयर के नाम से संपर्क हुआ और उसके बैंक खाते से रुपए कट गए. पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और साइबर ठगों की पहचान कर उन्हें जल्द पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं.
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