अक्सर हम सोचते हैं कि फोन की बैटरी सिर्फ तभी तेजी से खत्म होती है जब हम लगातार स्क्रीन ऑन करके उसे इस्तेमाल कर रहे हों. क्योंकि बैटरी की सबसे ज्यादा खपत आमतौर पर डिस्प्ले ही करता है. लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि फोन हाथ में लिया ही नहीं, फिर भी बैटरी धीरे-धीरे डिस्चार्ज हो जाती है. दरअसल, इसके पीछे कुछ ऐसी वजहें होती हैं जो बैकग्राउंड में लगातार काम करती रहती हैं और बिना बताए बैटरी की चुपचाप खपत करती रहती हैं. चलिए बताते हैं कि बिना यूज किए भी फोन की बैटरी क्यों गिरती रहती है.
बैटरी का छुपा हुआ दुश्मन
अगर आपके फोन में नेटवर्क कमजोर है या कभी-कभी नेटवर्क गायब हो जाता है, तो इसका सीधा असर बैटरी पर पड़ता है. असल में कमजोर नेटवर्क की स्थिति में आपका फोन बार-बार सिग्नल ढूंढता रहता है. इसी वजह से बैटरी पर ज्यादा दबाव पड़ता है और चार्ज तेजी से घटने लगता है. ध्यान देने वाली बात यह भी है कि 5G नेटवर्क सर्च करने पर सबसे ज्यादा बैटरी खर्च होती है जबकि Wi-Fi सर्च करने में बैटरी की खपत कम होती है.
ऐप्स चलती रहती हैं, चाहे आप चलाएं या नहीं
फोन में मौजूद कई ऐप्स आपकी जानकारी के बिना भी लगातार एक्टिव रहती हैं. भले ही आप उन्हें खोलकर इस्तेमाल न कर रहे हों, लेकिन उनका डेटा बैकग्राउंड में सिंक होता रहता है. इसका नतीजा यह होता है कि बिना फोन यूज किए भी बैटरी धीरे-धीरे खत्म होने लगती है. अगर आपके फोन में ऐसी ऐप्स हैं जिन्हें आप रोजाना इस्तेमाल नहीं करते, तो आप उनकी बैकग्राउंड एक्टिविटी को रेस्ट्रिक्ट करके बैटरी बचा सकते हैं.
नोटिफिकेशन की मार
अगर आपका मोबाइल डेटा ऑन है या आप Wi-Fi से जुड़े हैं, तो फोन पर लगातार नोटिफिकेशन आते रहते हैं. भले ही आप नोटिफिकेशन खोलें या न खोलें, लेकिन हर बार नोटिफिकेशन आने पर स्क्रीन कुछ सेकंड के लिए ऑन हो जाती है. यही छोटी-छोटी चीजें मिलकर बैटरी को तेजी से कम कर देती हैं, क्योंकि डिस्प्ले बार-बार एक्टिव होता रहता है.
सॉफ्टवेयर या ऐप्स की गड़बड़ी
कई बार फोन के सॉफ्टवेयर या कुछ ऐप्स में तकनीकी दिक्कत होती है, जिसकी वजह से बैटरी पर जरूरत से ज्यादा लोड पड़ने लगता है. इसलिए जरूरी है कि आप फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट रखें. साथ ही ऐप्स को भी समय-समय पर अपडेट करते रहें, इससे न सिर्फ फोन की परफॉर्मेंस बेहतर होती है, बल्कि साइबर खतरों से सुरक्षा भी बनी रहती है.