आज के समय में बहुत सारे डिजिटल कंटेंट क्रिएटर यूट्यूब, इंस्टाग्राम और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कमाई करते हैं. कुछ क्रिएटर्स की पूरी कमाई इन्हीं प्लेटफॉर्म पर डिपेंड होती है. लेकिन ऐसे में सवाल उठता है कि अगर किसी क्रिएटर की अचानक मौत हो जाए तो उसके यूट्यूब चैनल, इंस्टाग्राम अकाउंट और उससे होने वाली कमाई का क्या होगा?
किसी व्यक्ति की मौत के बाद उसके परिवार को यूट्यूब या इंस्टाग्राम अकाउंट का पासवर्ड सीधे तौर पर नहीं दिया जाता. गूगल कुछ मामलों में कानूनी वारिस या परिवार की ओर से की गई रिक्वेट और डॉक्यूनेंट्स की जांच के बाद कुछ अकाउंट डेटा दे सकता है, या फिर अकाउंट को बंद कर सकता है.लेकिन पासवर्ड देने में मामले में गूगल भी साफ है कि वह नहीं देता.
इंस्टाग्राम पर मृतक के अकाउंट को यादगार अकाउंट बनाया जा सकता है या उसे हटाने की रिक्वेस्ट की जा सकती है. ऐसे अकाउंट के मैसेज, ड्राफ्ट और डेटा का पूरा रिकॉर्ड परिवार को नहीं दिया जाता. अकाउंट को यादगार बनाए जाने का बाद पुरानी पोस्ट दिखाई दे सकती हैं, लेकिन नई पोस्ट नहीं डाली जा सकती है.
यूट्यूब चैनल से मिलने वाला पैसा जुड़े बैंक अकाउंट में आता रह सकता है, अगर अकाउंट एक्टिव रहता है तो. कानूनी वारिस जरूरी दस्तावेज देकर जमा कमाई को दूसरी जगह भेजने की रिक्वेस्ट कर सकता है. यूट्यूब का भी नियम है कि करीब 6 महीने तक अगर वीडियो या पोस्ट नहीं होती तो चैनल से कमाई की सुविधा बंद हो सकती है.
क्रिएटर के वीडियो, फोटो, आर्टिकल और दूसरे बनाए गए काम उसकी डिजिटल एसेट हो सकते हैं. वहीं जिस प्लेटफॉर्म पर ये चीजें मौजूद हैं, उसका सिस्टम और तकनीक प्लेटफॉर्म की होती है. इसलिए सिर्फ अकाउंट का पासवर्ड परिवार को दे देना काफी नहीं है.
यूट्यूब बिजनेस के लिए ब्रांड अकाउंट का इस्तेमाल करके किसी भरोसेमंद व्यक्ति को दूसरा मालिक बनाया जा सकता है. इससे भविष्य में चैनल संभालने में मदद मिल सकती है. बैंक अकाउंट, कमाई, कॉपीराइट, ब्रांड डील और दूसरे जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी सेफ रखनी चाहिए.
इंस्टाग्राम के मामले में जरूरी फोटो, वीडियो और बिजनेस रिकॉर्ड का अलग बैकअप रखना बेहतर है. साथ ही किसी ब्रांड डील का क्या होगा, यह समझौते और लागू कानून पर डिपेंड करता है.