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हाईवे पर आसानी से चार्ज कर सकेंगे अपना इलेक्ट्रिक वाहन... हर 25 किमी पर मिलेगा चार्जिंग स्टेशन

हाईवे के दोनों किनारों पर हर 25 किमी के दायरे में एक चार्जिंग स्टेशन होगा. साथ ही हर 100 किमी पर लंबी दूरी या भारी शुल्क वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए एक चार्जिंग स्टेशन भी बनाया जाएगा. वहीं, शहरों में 3-3 किमी के ग्रिड में एक-एक चार्जिंग स्टेशन लगाया जाएगा. 

Electric Vehicle
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 23 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 10:03 AM IST
  • हाईवे के किनारों पर लगेंगे चार्जिंग स्टेशन 
  • फेम इंडिया योजना के दूसरे चरण के तहत इन स्टेशनों को मंजूरी दी है

बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम के बीच सभी लोग एक सस्ता विकल्प तलाशने में लगे हुए हैं. ऐसे में इलेक्ट्रिक व्हीकल सबकी पहली पसंद है. ज्यादातर लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहे हैं और लगातार इसकी डिमांड देश में बढ़ती जा रही है. इसी को देखते हुए मंगलवार को केंद्र सरकार ने 2877 चार्जिंग स्टेशनों को मंजूरी दे दी है. ये स्टेशन 25 राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों के 68 शहरों में लगाए जाएंगे.

आपको बता दें, भारी उद्योग मंत्रालय ने फेम इंडिया योजना के दूसरे चरण के तहत इन स्टेशनों को मंजूरी दी है. इसके अलावा, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस चरण के तहत 16 राजमार्गों और 9 एक्सप्रेसवे पर 1576 ईवी चार्जिंग स्टेशनों को भी मंजूरी दी है.

हाईवे के किनारों पर लगेंगे चार्जिंग स्टेशन 

आपको बताते चलें कि हाईवे के दोनों किनारों पर हर 25 किमी के दायरे में एक चार्जिंग स्टेशन होगा. साथ ही हर 100 किमी पर लंबी दूरी/भारी शुल्क वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए एक चार्जिंग स्टेशन भी बनाया जाएगा. वहीं, शहरों में 3 किमी के ग्रिड में एक-एक चार्जिंग स्टेशन लगाया जाएगा. 

क्या है इलेक्ट्रिक वाहनों की FAME योजना?

दरअसल, फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग आफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक वेहिकल्स इन इंडिया (FAME INDIA) योजना इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है. इसके तहत हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों, दोपहिया और तिपहिया वाहनों को प्रोत्साहित करना है ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदें. इसके अलावा इसके लिए एक अच्छा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जा सके.

किसे मिलता है इस योजना का फायदा?

गौरतलब है कि FAME II योजना के लिए केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का बजट दिया है.  ये अप्रैल 2019 में शुरू की गई थी. इसकी मदद से 55,000 से ज्यादा पैसेंजर वाहनों को सब्सिडी देने का लक्ष्य रखा गया है. इसमें 1 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, 5 लाख थ्री-व्हीलर और 7 हजार इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं. बता दें, इस योजना की सब्सिडी का फायदा उन इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को दिया जाता है, जिनकी रेंज सिंगल चार्ज में 80 किलोमीटर और टॉप स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटा की होती है.


 
 

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