यूपी के शहर नोएडा में कई कंपनियों के ऑफिस हैं. यहां देश-दुनिया के हजारों लोग रहते हैं. ये लोग हर दिन यात्रा करते हैं. कुछ लोग मेट्रो का तो कई लोग सड़क मार्ग का सहारा लेते हैं. ऐसे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. नोएडा शहर में पहली बार इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत हुई है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह 10 बजे वर्चुअल माध्यम से बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके बाद इन बसों का संचालन शुरू हो गया है. इन इलेक्ट्रिक बसों से न सिर्फ जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी, बल्कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट वेस्ट में रहने वाले लोगों को भी पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट मिलने से बड़ी राहत मिलेगी.
10 डबल डेकर बसें भी शामिल
इलेक्ट्रिक बसों का पूरा बेड़ा सेक्टर-90 स्थित बस डिपो पहुंच चुका है और संचालन से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. फिलहाल कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर दौड़ेंगी, जिनमें 10 डबल डेकर बसें शामिल हैं. बसों के सुचारू संचालन के लिए सेक्टर-90 स्थित बस डिपो में हाईटेक फास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं. इससे करीबन दो घंटे में बस पूरी तरह से चार्ज हो जाएगी. इलेक्ट्रिक बसें शुरू होने से प्रदूषण कम करने के साथ-साथ ईंधन खर्च में भी बड़ी बचत होगी. इन इलेक्ट्रिक बसों का संचालन नोएडा प्राधिकरण और यूपी परिवहन निगम मिलकर करेगा.
गौरतलब है कि 15 जून से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत होना है. ऐसे में एयरपोर्ट तक यात्रियों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा को पहले ही शुरू किया जा रहा है. इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का विकल्प मिलेगा.
किराया रखा गया है बेहद कम
यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बसों का किराया बेहद किफायती रखा गया है. बताया जा रहा है कि न्यूनतम किराया 10 रुपए और अधिकतम किराया 30 रुपए निर्धारित किया जाएगा. इससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को सबसे अधिक फायदा
इन बसों का सबसे ज्यादा फायदा ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को मिलने की उम्मीद है. अभी तक तक ग्रेटर नोएडा वेस्ट में किसी तरह की कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं है. इससे लोगों को नोएडा और दिल्ली आने में ऑटो और कैब का सहारा लेना पड़ता है. लंबे समय से यहां के लाखों लोग मेट्रो की मांग भी कर रहे हैं. अब इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से लाखों लोगों को पहली बार बेहतर और नियमित पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधा मिलेगी. इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और ट्रैफिक दबाव में भी कमी आने की संभावना है.
(भूपेंद्र चौधरी की रिपोर्ट)