Valmiki Tiger Reserve Opened for Tourists: घने जंगल के बीच सफर, चारों तरफ हरियाली और बाघ से लेकर तेंदुए तक को देखने की उम्मीद! बिहार के इकलौते टाइगर रिजर्व, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में एक बार फिर जंगल सफारी का रोमांच लौट आया है. नए पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ ही अब पर्यटक जंगल की सैर पर निकल सकेंगे और वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अनुभव ले सकेंगे. बारिश के मौसम में बंद जंगल सफारी का इंतजार खत्म हो गया है. पटना से पहुंचे प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह ने फीता काटकर नए पर्यटन सत्र का उद्घाटन किया. इसके बाद हरी झंडी दिखाकर सफारी वाहनों को रवाना किया गया.
इस बार जंगल की सैर में चार सफारी रूट होंगे खास
वन विभाग ने पर्यटकों के लिए चार प्रमुख रूट निर्धारित किए हैं. इनमें मदनपुर गेटवे से मदनपुर देवी स्थान होते हुए दिल्ली कैंप तक, वाल्मीकिनगर पर्यटन केंद्र से गोनौली वन प्रक्षेत्र स्थित गिद्ध संरक्षण केंद्र तक, वाल्मीकिनगर से गोवर्धना और मंगुराहा पर्यटन केंद्र तक, चौथा रूट मंगुराहा पर्यटन केंद्र के अंतर्गत भवानीपुर नाका से मानपुर तक निर्धारित किया गया है. इन रूटों पर सफर के दौरान पर्यटक जंगल की प्राकृतिक खूबसूरती को करीब से महसूस कर सकेंगे. साथ ही बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर, हिरण, सांभर, नीलगाय, जंगली कुत्ते और लकड़बग्घे जैसे वन्यजीवों को देखने का मौका भी मिल सकता है. जंगल में पक्षियों की कई प्रजातियां भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी. हालांकि, वन्यजीवों का दीदार उनकी गतिविधियों पर निर्भर करेगा.
VTR में बढ़ रहा पर्यटकों का आकर्षण, आंकड़े इसकी गवाही दे रहे
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve) में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. वर्ष 2023-24 में यहां 3 लाख 22 हजार 71 पर्यटक पहुंचे थे. वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 4 लाख 80 हजार 680 हो गया. वहीं, वर्ष 2025-26 में 6 लाख 9 हजार 159 पर्यटकों ने VTR का रुख किया. यानी महज दो साल में पर्यटकों की संख्या में करीब 89 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह आंकड़ा बताता है कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
कम खर्च में जंगल की सैर और प्रकृति को करीब से जानने का मौका
वन विभाग का प्रयास है कि पर्यटक कम खर्च में जंगल की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें और वन्यजीवों व पर्यावरण के संरक्षण के बारे में भी जानें. पर्यटकों की सुविधा के लिए वाल्मीकिनगर, मंगुराहा और गोवर्धना में ठहरने के लिए आवास की व्यवस्था उपलब्ध है. विभाग की ओर से पर्यटकों की सुविधाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है. बिहार के पश्चिम चंपारण में फैला वाल्मीकि टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता, घने जंगलों और वन्यजीवों के लिए खास पहचान रखता है. नए पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ अब एक बार फिर यहां जंगल सफारी की रौनक लौटने वाली है. यदि आप जंगल, वन्यजीवों और प्रकृति के बीच रोमांचक सफर का अनुभव लेना चाहते हैं, तो वाल्मीकि टाइगर रिजर्व आपके लिए एक खास पर्यटन स्थल बन सकता है. अब देखना होगा कि इस नए सत्र में पर्यटकों की आमद कितनी बढ़ती है और VTR पिछले रिकॉर्ड को कितना पीछे छोड़ पाता है.