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दिल्ली में 78 हजार पुराने कमर्शियल गाड़ियों को बदलने की तैयारी, 10 साल तक टैक्स-रजिस्ट्रेशन फीस माफ

दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने 78 हजार पुराने BS-3 और BS-4 कमर्शियल वाहनों को बदलने की तैयारी की है. सरकार पुराना गाड़ियों की जगह नई गाड़ियां खरीदने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन भी देगी. फिलहाल सरकार की योजना को अपनाने के लिए कोई भी दबाव नहीं होगा, ये योजना स्वैच्छिक है.

CM Rekha gupta
सुशांत मेहरा
  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:26 PM IST

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को सड़क से हटाकर उनकी जगह नए और कम प्रदूषण वाले वाहन लाने की तैयारी शुरू कर दी है. दिल्ली सरकार ने केंद्र की ‘परिवर्तन’ योजना को दिल्ली में लागू करने की मंजूरी दे दी है.

78 हजार पुराने कमर्शियल वाहन बदलने की तैयारी-
इस योजना के तहत दिल्ली में करीब 78 हजार पुराने BS-3 और BS-4 भारी वाहनों की पहचान की गई है. वहीं, पूरी दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो करीब 2.07 लाख ट्रक और बस मालिकों को योजना का फायदा मिलने की संभावना है.

सरकार पुराने वाहनों को स्क्रैप कराकर नए BS-VI, CNG या इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने के लिए वाहन मालिकों को आर्थिक प्रोत्साहन देगी. फिलहाल यह योजना स्वैच्छिक है यानी वाहन मालिकों पर गाड़ी बदलने की जबरदस्ती नहीं होगी.

गाड़ी बदलने पर 10 साल तक टैक्स में छूट-
पात्र पुराने वाहन को स्क्रैप कर नया वाहन खरीदने पर वाहन मालिक को कई बड़े फायदे मिलेंगे. इनमें सबसे बड़ा लाभ 10 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर और 100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क की छूट है.

इसके अलावा वाहन खरीदने के लिए लिये गए लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलेगी. योजना में शामिल वाहन निर्माता यानी OEM की ओर से 8 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी. पात्र वाहनों के लिए ईंधन वाउचर या उसके रियायती मूल्य के बराबर एकमुश्त लाभ दिया जाएगा.

इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को ज्यादा प्रोत्साहन-
अगर कोई वाहन मालिक अपना BS-IV या उससे पुराना हल्का मालवाहक वाहन (LGV) स्क्रैप करके नया इलेक्ट्रिक LGV खरीदता है तो उसे 10 साल तक 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर और रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूरी छूट के साथ 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और 8 प्रतिशत तक OEM डिस्काउंट मिलेगा.

वहीं, अगर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बजाय पुराना इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा जाता है तो 10 वर्षों के लिए 50 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट, 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और ईंधन वाउचर के बराबर एकमुश्त लाभ मिलेगा.

बड़े ट्रक और बस भी योजना में शामिल-
BS-IV या उससे पुराने मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों (MGV/HGV) को भी योजना के तहत बदला जा सकेगा. ऐसे वाहन को स्क्रैप कर नया BS-VI, उससे बेहतर उत्सर्जन मानकों वाला या इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन खरीदने पर 10 साल तक 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट मिलेगी. इसके साथ 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, 8 प्रतिशत तक OEM डिस्काउंट और ईंधन वाउचर का लाभ भी मिलेगा.

पुराना BS-VI या इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन खरीदने पर 10 साल तक 50 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट, 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और ईंधन वाउचर के बराबर एकमुश्त लाभ दिया जाएगा.

पुरानी बसों के लिए भी योजना-
योजना में BS-IV और उससे पुरानी बसों को भी शामिल किया गया है. इन्हें केवल BS-VI CNG या इलेक्ट्रिक बसों से बदला जा सकेगा. बस मालिकों को भी मालवाहक वाहनों की तरह टैक्स छूट, रजिस्ट्रेशन फीस में राहत, ब्याज सब्सिडी, OEM डिस्काउंट और ईंधन वाउचर का लाभ मिलेगा.

पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर बकाया में भी राहत
सरकार के मुताबिक, योजना के तहत स्क्रैप किए जाने वाले पात्र वाहनों पर एक साल से ज्यादा समय से लंबित रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी में भी राहत दी जाएगी.

इसके अलावा BS-IV वाहनों को हर स्थिति में स्क्रैप कराना जरूरी नहीं होगा. ऐसे वाहनों को NCR से बाहर के नॉन-NCAP शहरों में बेचा जा सकेगा. यानी उन शहरों में जो नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की सूची में शामिल नहीं हैं.

दिल्ली में नए LGV सिर्फ इलेक्ट्रिक होंगे-
सरकार ने दिल्ली में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक अहम शर्त भी रखी है. योजना के तहत दिल्ली में खरीदे जाने वाले नए LGV केवल इलेक्ट्रिक होंगे. वहीं, नई बसों के लिए केवल BS-VI CNG या इलेक्ट्रिक बसों को अनुमति दी जाएगी.

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