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Delhi to Haridwar Travel Time: दिल्ली से हरिद्वार अब सिर्फ 1.5 घंटे में! जानें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस नए रोड प्रोजेक्ट को लेकर क्या की घोषणा?

Delhi to Haridwar Travel Time New Expressway: दिल्ली से हरिद्वार सड़क मार्ग से जाने में अभी 3 से 4 घंटे लग जाते हैं लेकिन जल्द ही आप राजधानी दिल्ली से हरिद्वार तक का सफर सिर्फ 1.5 घंटे में पूरी कर सकेंगे. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली से हरिद्वार को जोड़ने वाली नई सड़क परियोजना जल्द ही खोली जाएगी.

Expressway (Representative Photo)
आशुतोष मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:23 AM IST

देश की राजधानी दिल्ली से धार्मिक नगरी हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है. श्रद्धालु जल्द दिल्ली से हरिद्वार तक का सफर सिर्फ 1.5 घंटे में पूरी कर सकेंगे. आपको मालूम हो कि अभी दिल्ली से हरिद्वार सड़क मार्ग से जाने में अभी 3 से 4 घंटे लग जाते हैं.  सीआईआई के नेशनल कांफ्रेंस ऑन ऑफ इंडिया फ्यूचर को संबोधित कर हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन ने कहा कि अगले दो महीने में दिल्ली को हरिद्वार से जोड़ने वाला नया एक्सप्रेस वे तैयार हो जाएगा. इसके बाद से दिल्ली और हरिद्वार के बीच यात्रा का समय घटकर सिर्फ  1.5 घंटे रह जाएगा. यानी दो महीने बाद दिल्ली से तड़के सुबह आप गंगा स्नान के लिए हरिद्वार जा सकते हैं और वो भी सिर्फ डेढ़ घंटे में, उसके बाद हरिद्वार में गंगा स्नान के बाद नास्ता भी हरिद्वार में किया जा सकता है.

दिल्ली-देहरादून और हरिद्वार कनेक्टिविटी को लेकर क्या बोले गडकरी 
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन ने बताया कि हाल ही में शुरू किए गए दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर ने दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को 7 घंटे से घटाकर महज 2 घंटे कर दिया है. उन्होंने कहा कि हमने अभी हाल ही में दिल्ली से देहरादून मार्ग खोला है, जहां पहले 7 घंटे लगते थे और अब आप 2 घंटे में आ-जा सकते हैं. इसी कड़ी में अब हम दिल्ली से हरिद्वार रूट को भी खोलने जा रहे हैं.पहले दिल्ली से मेरठ पहुंचने में साढ़े तीन घंटे लगते थे, लेकिन अब यह यात्रा केवल 45 से 50 मिनट में पूरी हो जाती है. पहले दिल्ली से जयपुर पहुंचने में 5 घंटे लगते थे, जबकि अब केवल 2 घंटे लगते हैं. इसी तरह, बेंगलुरु से चेन्नई के बीच सड़क यात्रा, जिसमें पहले 4 से 5 घंटे लगते थे, अब लगभग 2 घंटे में पूरी हो सकेगी. इसके चलते लाजिस्टिक खर्च में कमी आ रही है साथ ही पर्यटन और विकास को बढ़ावा मिल रहा है.


लॉजिस्टिक्स  कोस्ट 16% से घटकर अब 9% पर आया 
नितिन गडकरी ने बताए की भारत के लॉजिस्टिक्स  कोस्ट पहले 16% के मुकाबले घटकर अब 9% से भी नीचे आ गया है. गडकरी ने कहा कि आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) हमारे देश के भविष्य के विकास का प्रमुख आधार और सबसे महत्वपूर्ण कारक है. इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास करके हम कृषि, उत्पादकता, उद्योग, व्यापार और व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं. गडकरी ने कहा कि लगभग दो वर्ष पहले लॉजिस्टिक्स लागत को लेकर चर्चा होती थी. चीन में लॉजिस्टिक्स लागत उसकी कुल जीडीपी का लगभग 8% है, जबकि भारत में यह 16% थी. यही एक प्रमुख कारण था, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कारोबार में भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था. लेकिन आज मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि चीन की 8% और अमेरिका की 12% लॉजिस्टिक्स लागत की तुलना में भारत की लॉजिस्टिक्स लागत पहले के 16% से घटकर अब एकल अंक यानी 9% पर आ गई है.

देश में 36 ग्रीन एक्सप्रेसवे करने जा रहे विकसित 
गडकरी ने कहा कि हम देश में 36 ग्रीन एक्सप्रेसवे विकसित करने जा रहे हैं, जिनसे देश के विकास और परिवहन व्यवस्था के परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा. हम दिल्ली के लिए लगभग 1,60,000 करोड़ रुपए की सड़क अवसंरचना परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं. पर्यटन क्षेत्र में पूंजीगत व्यय का 49% हिस्सा रोजगार के नए अवसर पैदा करने में सहायक होगा. इसका एक अच्छा उदाहरण चारधाम परियोजना है, जिसकी लागत लगभग 12,000 करोड़ रुपए है. इस परियोजना का 85% कार्य पूरा हो चुका है. अब दिल्ली से बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले यात्रियों की संख्या पहले की तुलना में तीन गुना बढ़ गई है.

 

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