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Demand for Luxary Cars in Delhi: मर्सिडीज से लेकर बीएमडब्लू तक... दिल्ली में बड़े इंटरनेशनल समिट और हाई-प्रोफाइल आयोजनों के साथ बढ़ी लग्जरी गाड़ियों की डिमांड

देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल समिट में लग्जरी कार अब सिर्फ ‘सवारी’ नहीं, बल्कि VVIP Hospitality और Event Experience का हिस्सा बन गई है. बड़े आयोजनों के दौरान खास तौर पर Mercedes, BMW, Maybach, Toyota Vellfire और दूसरी प्रीमियम SUVs की मांग बढ़ जाती है.

Demand for Luxary Cars in Delhi
मनीषा लड्डा
  • नई दिल्ली,
  • 10 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:29 PM IST

Demand for Luxary Cars in Delhi: दिल्ली में बड़े इंटरनेशनल समिट और हाई-प्रोफाइल आयोजनों के साथ लग्जरी और प्रीमियम गाड़ियों की डिमांड भी तेजी से बढ़ रही है. विदेशी डेलिगेट्स, VVIP मेहमान और वरिष्ठ अधिकारियों के मूवमेंट के लिए अब लग्जरी कार सिर्फ ट्रांसपोर्ट का जरिया नहीं, बल्कि पूरी मेहमानवाजी (Hospitality) का एक अहम हिस्सा बन चुकी है.

ब्लैक कलर की गाड़ियों का खास क्रेज 
Indian Tourist Transport Association के अध्यक्ष सतीश शेरावत (Satish Sherawat) और Poonia Travels के मालिक हरमनप्रीत सिंह (Harmanpreet Singh) के मुताबिक, ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान खास तौर पर मर्सिडीज (Mercedes), बीएमडब्लू (BMW), Maybach, Toyota Vellfire और दूसरी प्रीमियम SUVs की मांग बढ़ जाती है. इनमें भी इस समय ब्लैक कलर की गाड़ियों का खासा क्रेज देखने को मिल रहा है. चाहे Black Maybach हो, Black Vellfire, Black Mercedes या Black BMW, डेलिगेट्स के लिए ब्लैक लग्जरी कारों को सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है. हालांकि व्हाइट गाड़ियों की भी डिमांड बनी हुई है.

दूसरे शहरों और राज्यों से भी लाई जा रहीं लग्जरी गाड़ियां 
बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए दूसरे शहरों और राज्यों से भी लग्जरी गाड़ियां दिल्ली लाई जा रही हैं. इसकी एक बड़ी वजह गाड़ियों की उपलब्धता के साथ-साथ स्पीड का मुद्दा भी है. ट्रांसपोर्टर्स के मुताबिक, कुछ गाड़ियों में लगे Speed Governors की वजह से उनकी अधिकतम स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित रहती है. ऐसे में लंबे रूट और तेज मूवमेंट की जरूरत को देखते हुए बाहर से ऐसी गाड़ियां भी मंगाई जाती हैं, जिनसे यह जरूरत पूरी हो सके.

ड्राइवर्स को दी जाती है ट्रेनिंग 
इन गाड़ियों के साथ सिर्फ कार उपलब्ध कराना ही जरूरी नहीं है, बल्कि chauffeur की ट्रेनिंग और presentation पर भी खास ध्यान दिया जाता है. लग्जरी गाड़ियों के ड्राइवर्स को बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती है कि VVIP और विदेशी मेहमानों के साथ किस तरह व्यवहार करना है. ड्राइवर्स well-dressed रहते हैं और basic English communication में सक्षम होते हैं, ताकि विदेशी मेहमानों के साथ भाषा को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो.

लाखों रुपए तक है किराया
सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन गाड़ियों की डिमांड इतनी बढ़ चुकी है कि एक-एक लग्जरी गाड़ी का किराया लाखों रुपए तक पहुंच जाता है. यानी बड़े इंटरनेशनल समिट अब सिर्फ होटल, सिक्योरिटी और इवेंट मैनेजमेंट के लिए ही बड़ा कारोबार नहीं हैं, बल्कि luxury mobility और premium chauffeur driven services के लिए भी बड़ा बाजार बन चुके हैं.

कुल मिलाकर, इस स्टोरी का एंगल यही है कि इंटरनेशनल समिट में लग्जरी कार अब सिर्फ ‘सवारी’ नहीं, बल्कि VVIP hospitality और event experience का हिस्सा बन गई है जहां कार का मॉडल, रंग, ड्राइवर की ट्रेनिंग से लेकर उसकी presentation तक, हर चीज मायने रखती है.

 

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