उत्तर प्रदेश में बुधवार को योगी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हो चुका है. यूपी का यह सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे अपने पहले चरण में मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है. 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर मेरठ से प्रयागराज तक की दूरी करीब 6 घंटे में पूरी की जा सकेगी. इस गंगा एक्सप्रेसवे पर कोई यात्री रास्ता भटक जाए, गलत लेन में चला जाए या वापस लौटना चाहे तो उसके लिए भी खास व्यवस्था की गई है. गंगा एक्सप्रेसवे पर बने इंटरचेंज सिस्टम चालकों की मदद करेगा. एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग स्थानों पर ऐसे इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं, जिनकी मदद से चालक आसानी से दिशा बदल सकते हैं और सही मार्ग पर लौट सकते हैं.
लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा
सबसे खास है डबल ट्रंपेट टाइप इंटरचेंज. यह लूप और रैंप का संयुक्त ढांचा है. इसके जरिए बाहरी हाईवे से गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़कर मेरठ और प्रयागराज दोनों दिशाओं में जाया जा सकता है. वहीं एक्सप्रेसवे से उतरकर दूसरे संपर्क मार्गों पर भी आसानी से पहुंचा जा सकता है. दूसरा है रैंप टाइप इंटरचेंज, जहां सिर्फ एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने के लिए रैंप बनाए जा रहे हैं. इससे यात्रियों को अनावश्यक लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और समय की भी बचत होगी.
गंगा एक्सप्रेसवे खुद सही रास्ता दिखा देगा
गंगा एक्सप्रेसवे के ग्रुप-4 सेक्शन में एक सिंगल ट्रंपेट इंटरचेंज, दो डबल ट्रंपेट टाइप इंटरचेंज और एक रैंप टाइप इंटरचेंज प्रस्तावित है. जब हमारी टीम ने प्रयागराज से आगे बढ़कर इन निर्माण कार्यों का जायजा लिया और पाया कि यह व्यवस्था यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी. गंगा एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट हेड एसपी श्रीवास्तव के मुताबिक इन इंटरचेंज का मकसद यात्रियों को बिना भटके उनके गंतव्य तक पहुंचाना है. यानी अगर रास्ता गलत भी हो जाए तो अब चिंता की जरूरत नहीं. गंगा एक्सप्रेसवे खुद आपको सही रास्ता दिखा देगा.
गंगा एक्सप्रेसवे से ये जिले जुड़े
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 जिलों को जोड़ रहा है. गंगा एक्सप्रेसवे से यात्रा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी. माल ढुलाई की लागत कम होने से व्यापार और उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा. यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के अन्य प्रमुख मार्गों- पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे एक विशाल इंटरकनेक्टेड नेटवर्क तैयार होगा.
गंगा एक्सप्रेसवे अभी 6 लेन में है तैयार
पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर बने इस एक्सप्रेसवे को फिलहाल 6 लेन में तैयार किया गया है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है. इसे 120 किमी प्रति घंटा की स्पीड के लिए डिजाइन किया गया है. गंगा एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर के पास 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप भी बनाई गई है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं. इसके अलावा, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं. गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (IMLC) विकसित किए जा रहे हैं, जहां उद्योग, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित होंगी.