उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे पर फ्री सफर की सुविधा खत्म हो गई है. अब एक्सप्रेसवे पर जाने पर टोल देना होगा. गुरुवार की रात 12 बजे से टोल टैक्स की वसूली शुरू हो गई है. इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को किया था. इसके बाद 15 दिनों के लिए इसपर टोल फ्री सफर की सुविधा थी. लेकिन अब टोल टैक्स की वसूली शुरू हो गई है. चलिए आपको बताते हैं कि गंगा एक्सप्रेसवे पर किस गाड़ी को कितना टैक्स देना पड़ेगा.
जितनी दूरी, उतना टोल टैक्स-
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने गंगा एक्सप्रेसवे पर क्लोज्ड टोल सिस्टम लागू किया है. इस सिस्टम में आपसे उतना ही टोल वसूला जाता है, जितनी दूरी आप तक करते हैं. टोल की दरें प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय की गई हैं.
टू-व्हीलर और थ्री व्हीलर के लिए कितना टोल?
गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल की दरें तय कर दी गई हैं. टू-व्हीलर और थ्री व्हीलर के लिए किलोमीटर के हिसाब से दरें तय की गई हैं. टू-व्हीलर और थ्री व्हीलर को हर किलोमीटर पर 1.28 रुपए टोल टैक्स देना होगा. इतना ही टोल ट्रैक्टर को भी देना होगा.
कार वालों को कितना देना होगा टोल?
गंगा एक्सप्रेसवे यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है. यह आधुनिक सुविधाओ से लैस है. अगर आप कार, जीप और वैन से इस एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं तो हर किलोमीटर के हिसाब से आपको 2.55 रुपए टोल देना होगा.
बस और ट्रक के लिए कितना टोल?
लाइट कमर्शियल वाहन, मिनी बस के लिए 4.05 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल टैक्स चुकाना होगा. इतना ही नहीं, बस और ट्रक के लिए हर किलोमीटर के हिसाब से 8.20 रुपए टोल टैक्स वसूला जाएगा.
मल्टीएक्सल और भारी मशीनरी के लिए टोल-
गंगा एक्सप्रेसवे पर मल्टीएक्सल, भारी मशीनरी और अर्थमूविंग गाड़ियों के लिए हर किलोमीटर के हिसाब से 12.60 रुपए का टोल देना होगा. इसके साथ ही ओवरसाइज गाड़ियों के लिए हर किलोमीटर 16.10 रुपए की टोल वसूली होगी.
प्रयागराज से मेरठ तक सफर के लिए कितना खर्च-
अगर आप मेरठ से प्रयागराज तक कार से सफर करते हैं तो आपको करीब 1500 रुपए टोल टैक्स चुकाना होगा.
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