320 किमी/घंटे की स्पीड और महज 2 घंटे में मुंबई से अहमदाबाद का सफर होगा आसान, जानें कैसी दिखेगी देश की पहली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन

भारत की पहली प्रस्तावित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन के पहले लुक की तस्वीर हाल ही में रेल मंत्रालय के गेट नंबर-4 पर प्रदर्शित की गई है. जानें क्या-क्या खासियत होगी इस ट्रेन की.

1st look of Indian Bullet Train
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 18 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:12 PM IST

भारत की पहली बुलेट ट्रेन को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब और दिलचस्प होता नजर आ रहा है. रेल मंत्रालय में देश की पहली प्रस्तावित बुलेट ट्रेन की तस्वीर प्रदर्शित की गई है, जिसे देखकर लोग इसके लुक और सुविधाओं की चर्चा कर रहे हैं. यह हाई-स्पीड ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच दौड़ेगी और यात्रा का समय काफी कम कर देगी.

रेल मंत्रालय में दिखाई गई पहली झलक
रेल मंत्रालय के गेट नंबर-4 पर देश की पहली प्रस्तावित बुलेट ट्रेन की तस्वीर लगाई गई है. यह तस्वीर आने-जाने वाले लोगों का ध्यान खींच रही है. माना जा रहा है कि यह मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) के लिए तैयार की जा रही ट्रेन का प्रस्तावित डिजाइन है. रेलवे की तरफ से इसे देश के आधुनिक रेल नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

320 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
जानकारी के मुताबिक, यह बुलेट ट्रेन करीब 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी. इससे मुंबई से अहमदाबाद तक का सफर महज लगभग 2 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. अभी यही दूरी तय करने में यात्रियों को करीब 6 से 8 घंटे तक का समय लग जाता है. इस परियोजना को जापान की तकनीक और आर्थिक सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है.

किन-किन शहरों से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर करीब 508 किलोमीटर लंबा होगा. इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं. इनमें मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं. इससे पश्चिम भारत में तेज और आधुनिक यात्रा का नया विकल्प मिलेगा.

सुरक्षा और आधुनिक तकनीक पर खास फोकस
बुलेट ट्रेन को अत्याधुनिक तकनीक के साथ तैयार किया जा रहा है. इसमें भूकंप प्रतिरोधी डिजाइन और आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और तेज सफर मिल सके. रेलवे के मुताबिक, निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और कई शहरों में स्टेशन, पुल और ट्रैक का काम जारी है.

2017 में हुई थी परियोजना की शुरुआत
बता दें कि इस परियोजना की औपचारिक शुरुआत साल 2017 में हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अहमदाबाद में इसका शिलान्यास किया था. शुरुआत में इसे 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन कोविड और अन्य वजहों से इसमें देरी हुई. अब इसे चरणबद्ध तरीके से 2027-28 तक शुरू किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है.

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