भारतीय रेलवे को देश की लाइफ लाइन कहा जाता है. इसके पीछे वजह यह है कि हमारे देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा रोजाना ट्रेनों के सफर में रहता है. एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए ट्रेन काफी सुविधाजनक होती हैं. ऐसे में त्योहारों के सीजन में ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ होती है. विशेष रूप से दिल्ली, मुंबई और गुजरात की तरफ से चलकर यूपी-बिहार और झारखंड की तरफ जाने वाली ट्रेनों में होली, दिवाली और छठ पूजा के दौरान कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है. हालांकि भारतीय रेलवे इन तमाम विशेष त्योहारों पर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन भी चलाता है, ताकि लॉग इन त्योहारों में अपने घरों को आ सके और सुविधाजनक तरीके से त्योहार बना सके.
यूपी बिहार जाने वाली ट्रेन अभी से फुल-
हर साल की तरह इस साल दिवाली और छठ पूजा में ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ होने की संभावना जताई जा रही है. आलम यह है कि इस साल नवंबर के महीने में पढ़ने वाली दिवाली और छठ पूजा के त्योहार के नजदीक दिल्ली, मुंबई और गुजरात से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की तरफ आने वाली ट्रेनों में कंफर्म टिकट की गुंजाइश बिल्कुल ही नहीं बची है. इस रूट पर चलने वाली तमाम ट्रेन में 2 महीने पहले से ही फुल दिखाई दे रही हैं. आलम यह है कि इन रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों में तो वेटिंग टिकट भी खत्म हो चुका है. ऐसे में रेलवे द्वारा चलाई जा रही फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें फिलहाल सहारा दिखाई दे रही हैं.
दिल्ली से चलने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट-
अगर हम दिल्ली से चलकर उत्तर प्रदेश और बिहार की तरफ आने वाली ट्रेनों की बात करें, तो नई दिल्ली राजेंद्र नगर पटना तेजस राजधानी एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस, अगरतला तेजस राजधानी एक्सप्रेस, बाबा बैजनाथ धाम एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल सीमांचल एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस महानंदा एक्सप्रेस श्रमजीवी एक्सप्रेस और फरक्का एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में कंफर्म टिकट उपलब्ध नहीं है. इन तमाम ट्रेनों के सभी क्लास में लंबी-लंबी वेटिंग लिस्ट दिखाई दे रही है.
दिल्ली-वाराणसी रूट पर भी बुकिंग फुल-
इसी तरह दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस में वेटिंग लिस्ट है. वहीं स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी को छोड़कर सभी क्लास में जो रूम है यानी इस ट्रेन में आपको वेटिंग टिकट में नहीं मिल सकता. यही हाल लिछवी एक्सप्रेस, महामना एक्सप्रेस और सद्भावना एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का भी है.
मुंबई-पटना रूट पर टिकट मिलना असंभव-
मुंबई से पटना की तरफ जाने वाली ट्रेनों की अगर हम बात करें, तो मुंबई से आसनसोल जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में फिलहाल थर्ड एसी में वेटिंग टिकट मिल रहा है, बाकी स्लीपर और सेकेण्ड एसी में नो रूम है. लोकमान्य तिलक से डिब्रूगढ़ जाने वाली एलटीटी डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, एलटीटी पाटलिपुत्र एक्सप्रेस और लोकमान्य तिलक राजगीर एक्सप्रेस ट्रेन के सभी क्लास में नो रूम है.यानी इन ट्रेनों में आपको वेटिंग टिकट भी नहीं मिल सकता.
मुंबई-वाराणसी रूट पर लंबी वेटिंग-
मुंबई से वाराणसी रूट की अगर हम बात करें तो लोकमान्य तिलक से वाराणसी होते हुए जयनगर जाने वाली ट्रेन में स्लीपर और थर्ड एसी में वेटिंग है, जबकि सेकंड एसी में जो रूम दिखाई दे रहा है. इसी तरह लोकमान्य तिलक बनारस एक्सप्रेस में स्लीपर में लंबी वेटिंग है. वहीं थर्ड एसी, सेकंड एसी और फर्स्ट एसी में नो रूम है. महानगरी एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास और फर्स्ट एसी में नो रूम है, जबकि थर्ड एसी और सेकंड एसी में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है.
गोरखपुर जाने वाली ट्रेनों में नहीं मिल रहा टिकट-
लोकमान्य तिलक से चलकर गोरखपुर की तरफ जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में स्लीपर और थर्ड एसी क्लास में लंबी वेटिंग है, जबकि सेकंड एसी में नो रूम है. लोकमान्य तिलक से वाराणसी के बीच चलने वाली कामायनी एक्सप्रेस में स्लीपर और थर्ड एसी में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है, जबकि सेकंड एसी में नो रूम है. यही हाल लोकमान्य तिलक से चलकर गोरखपुर जाने वाली लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस और दादर बलिया एक्सप्रेस का भी है.
गुजरात से यूपी-बिहार रूट पर टिकट मिलना मुश्किल-
अगर हम गुजरात की तरफ से चलकर यूपी बिहार की तरफ आने वाली ट्रेनों की बात करें तो गुजरात अहमदाबाद से सिलचर के बीच चलने वाली 19483 अहमदाबाद सिलचर एक्सप्रेस में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है. यही हाल अजीमाबाद एक्सप्रेस का भी है इस ट्रेन के भी किसी क्लास में दिवाली के आसपास कंफर्म क्या, वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है. सूरत के नजदीकी स्टेशन उधना वाराणसी के बीच चलने वाली ताप्ती गंगा एक्सप्रेस के भी क्लास में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है.
कुल मिलाकर देखा जाए तो इस बार दिवाली और छठ पूजा के दौरान गुजरात मुंबई और दिल्ली से यूपी बिहार और झारखंड की तरफ आने वाली तमाम ट्रेनों में अभी से सभी सीटें फुल हो चुकी हैं और कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल साबित हो रहा है. ऐसे में अब रेल यात्रियों की निगाहें रेलवे द्वारा चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेनों की तरफ टिक गई हैं.
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