India's first bullet train: अब मिनटों में पूरा हो जाएगा लंबा सफर! शुरू होने वाली है भारत की पहली बुलेट ट्रेन... यहां देखें पूरी डीटेल!

देश की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 से शुरू हो सकती है. मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलने वाली यह हाई-स्पीड ट्रेन यात्रियों का सफर बेहद तेज और आरामदायक बनाएगी. इससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और आधुनिक रेल व्यवस्था को नई पहचान मिलेगी.

India’s first bullet train to be launched
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:38 PM IST

भारत में हाई-स्पीड रेल का सपना अब जल्द ही हकीकत बनने जा रहा है. देश की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 से परिचालन शुरू कर सकती है. यह महत्वाकांक्षी परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर आधारित है, जिसे जापान की प्रसिद्ध शिंकानसेन तकनीक के सहयोग से विकसित किया जा रहा है. इस परियोजना के शुरू होने से पश्चिमी भारत में यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा और यात्रियों को तेज, सुरक्षित तथा आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी.

508 किलोमीटर लंबा है यह रूट
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का पहला चरण 15 अगस्त 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य है. यह पूरा रूट 508 किलोमीटर लंबा है और भारत का पहला हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर होगा. परियोजना का पूरा काम 2029 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है.

बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद मुंबई से अहमदाबाद का सफर 2 घंटे से भी कम समय में पूरा किया जा सकेगा. अभी इस दूरी को तय करने में कई घंटे लगते हैं. इससे यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा भी ज्यादा सुविधाजनक होगी.

12 स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
इस रूट पर कुल 12 स्टेशन होंगे. इनमें मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं. इससे महाराष्ट्र और गुजरात के कई बड़े शहर सीधे जुड़ जाएंगे.

भारत में बनेगी बुलेट ट्रेन
इस परियोजना की एक खास बात यह भी है कि पहले चरण में 'मेड इन इंडिया' B28 ट्रेन सेट का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसका निर्माण बीईएमएल कंपनी कर रही है. इससे देश में रेल तकनीक और निर्माण क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा. बुलेट ट्रेन परियोजना को भारत के परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. इसके शुरू होने से लोगों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा की सुविधा मिलेगी. साथ ही व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे. आने वाले वर्षों में यह परियोजना भारत की आधुनिक पहचान का हिस्सा बन सकती है.

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