सेंट्रल रेलवे ने मुसाफिरों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है. रेलवे अपने बेड़े में ऑटोमैटिक दरवाजों वाली नई लोकल ट्रेन शामिल की है. सोमवार को यह लोकल कुर्ला कारशेड में पहुंची. प्रारंभिक ट्रायल सफल रहने पर इसे जल्द ही यात्रियों की सेवा में शामिल किया जाएगा.
मुसाफिरों की सेफ्टी के लिए बड़ा कदम-
मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेनों में रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं. भारी भीड़ के चलते कई यात्री दरवाजे पर खड़े होकर या लटककर यात्रा करते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है. कई मामलों में यात्री चलती ट्रेन से गिर जाते हैं या खंभों से टकरा जाते हैं, जिससे गंभीर चोट या मौत तक हो जाती है. इसी समस्या के समाधान के तौर पर रेलवे प्रशासन ने मेट्रो और एसी लोकल की तर्ज पर सामान्य लोकल ट्रेनों में भी ऑटोमैटिक दरवाजे लगाने का फैसला किया है. इस नई लोकल के दरवाजे केवल स्टेशन पर ही खुलेंगे, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है.
चरणबद्ध तरीके से बढ़ेगी संख्या-
शुरुआत में इस लोकल का संचालन कम भीड़ वाले रूट पर ट्रायल के तौर पर किया जाएगा. यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर आगे ऐसी ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी. दरवाजों को खोलने और बंद करने का नियंत्रण लोकल मैनेजर और मोटरमैन दोनों के पास होगा.
ट्रेन में क्या होंगी सुविधाएं?
इस ट्रेन में फर्स्ट क्लास कोच, फर्स्ट क्लास महिला कोच, दिव्यांग यात्रियों के लिए कोच, महिला सेकेंड क्लास कोच और महिलाओं के लिए लगेज कोच जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
हादसों के बाद लिया गया फैसला-
जून 2025 में मुंब्रा में चलती लोकल से गिरकर यात्रियों की मौत की घटना के बाद सुरक्षा का मुद्दा फिर से चर्चा में आया था. इसके बाद रेलवे बोर्ड ने ऑटोमैटिक दरवाजों वाली सामान्य लोकल ट्रेन शुरू करने का निर्णय लिया. यह नई लोकल चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार की गई है.
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