नवंबर का महीना घूमने के शौकीन लोगों के लिए खास होता है. मौसम में ठंडक बढ़ने लगती है और हिमालय के पहाड़ साफ नजर आने लगते हैं. ऐसे में अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर कुछ दिन प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं, तो ट्रैकिंग का प्लान बना सकते हैं. पहाड़ों के खूबसूरत नजारे, जंगलों के बीच से गुजरते रास्ते, शांत झीलें और ठंडी हवा आपके सफर को यादगार बना सकते हैं. कुछ जगहों पर मौसम के हिसाब से हल्की बर्फबारी भी देखने को मिल सकती है. आइए जानते हैं नवंबर में घूमने के लिए 5 शानदार ट्रेक कौन-कौन से हैं.
केदारकांठा ट्रेक
अगर आप पहली बार ट्रैकिंग करने जा रहे हैं, तो उत्तराखंड का केदारकांठा ट्रेक अच्छा विकल्प है. यहां देवदार और ओक के जंगलों से गुजरते हुए जुड़ा का तालाब तक पहुंच सकते हैं. इसकी चोटी से स्वर्गारोहिणी और बंदरपूंछ जैसी पहाड़ियों के शानदार नजारे दिखते हैं. करीब 12,500 फीट की ऊंचाई वाले इस ट्रेक की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है. इसे पूरा करने में आमतौर पर 6 दिन लगते हैं.
ब्रह्मताल ट्रेक
उत्तराखंड का ब्रह्मताल ट्रेक प्रकृति और फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए खास है. यहां जंगलों के बीच से गुजरते रास्ते और शांत झीलें देखने को मिलती हैं. मौसम साफ रहने पर त्रिशूल और नंदा घुंटी की चोटियां भी नजर आती हैं. करीब 12,250 फीट की ऊंचाई तक जाने वाले इस ट्रेक की दूरी लगभग 21 किलोमीटर है. इसे पूरा करने में करीब 4 दिन लगते हैं.
हर की दून
हर की दून को देवताओं की घाटी भी कहा जाता है. यहां ऊंचे पहाड़ों, घने जंगलों और पारंपरिक गांवों के बीच घूमने का मौका मिलता है. रास्ते में ओसला जैसे गांव भी पड़ते हैं, जहां लकड़ी से बने पुराने घर देखने को मिलते हैं. करीब 38 किलोमीटर लंबा यह ट्रेक लगभग 11,600 फीट की ऊंचाई तक पहुंचता है.
संदकफू
पश्चिम बंगाल में स्थित संदकफू ट्रेक अपने शानदार नजारों के लिए मशहूर है. यहां से साफ मौसम में एवरेस्ट, कंचनजंगा, ल्होत्से और मकालू जैसी दुनिया की चार ऊंची चोटियां दिखाई दे सकती हैं. करीब 11,930 फीट की ऊंचाई पर स्थित संदकफू पश्चिम बंगाल का सबसे ऊंचा स्थान है. इस ट्रेक को पूरा करने में 4 से 7 दिन लग सकते हैं.
नाग टिब्बा
अगर आपके पास लंबी छुट्टी नहीं है, तो नाग टिब्बा ट्रेक चुन सकते हैं. उत्तराखंड में मौजूद यह ट्रेक शुरुआती लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है. यहां जंगलों के रास्ते चलते हुए बंदरपूंछ और स्वर्गारोहिणी की चोटियों के नजारे देख सकते हैं. लगभग 9,915 फीट की ऊंचाई वाले इस ट्रैक की दूरी करीब 14 से 16 किलोमीटर है. इसे आमतौर पर 2 दिन और 1 रात में पूरा किया जा सकता है.
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