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Mahakumbh 2025: महाकुंभ का आखिरी वीकेंड... जानिए प्रयाग पहुंचने वाले किन बातों का रखें खास ख्याल

22 और 23 फरवरी 2025 इस महाकुंभ का आखिरी वीकेंड है. प्रशासन को आशंका है कि महाकुंभ के इस आखिरी वीकेंड में भीड़ एक बार फिर अपने चरम पर होगी.

Prayagraj Mahakumbh
कुमार अभिषेक
  • प्रयागराज,
  • 20 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 2:20 PM IST

26 फरवरी को प्रयागराज महाकुंभ खत्म हो जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में ऐलान कर दिया कि महाकुंभ के दिन अब और नहीं बढ़ेंगे. ऐसे में 22 और 23 फरवरी 2025 इस महाकुंभ का आखिरी वीकेंड है. प्रशासन को आशंका है कि महाकुंभ के इस आखिरी वीकेंड में भीड़ एक बार फिर अपने चरम पर होगी. क्योंकि अब ऐसे लोग इस महाकुंभ पहुंच रहे हैं जिन्हें लगता है कि यह कुंभ में स्नान का आखिरी मौका है और ये मौका छूटना नहीं चाहिए.

वीकेंड के लिए प्रशासन की तैयारी
वीकेंड को लेकर एक बार फिर प्रशासन ने तैयारी कर रखी है सभी तरह के वीआईपी पास निरस्त हैं, नए वाहन पास जारी होने बंद हो चुके है और लोगों को अपनी गाड़ियों को शहर के बाहर ही बनाए गए पार्किंग में पार्क करना होगा. क्योंकि अब इस महाकुंभ के कुछ आखिरी दिन शेष बचे हैं, ऐसे में प्रशासन ने सभी तरह के पास जारी करने बंद कर दिए है.

अखाड़े उखड़ चुके है इसलिए अब स्नान के लिए मुख्य तौर पर संगम नोज, त्रिवेणी और अरेल के घाट ही श्रद्धालुओं के लिए स्नान के स्थान बचे हैं. कुंभ के लिए आने वाले श्रद्धालु कुछ बातें नोट कर लें ताकि प्रयागराज पहुंचने पर उन्हें निराश न होना पड़े. 

इन बातों का रखें ख्याल 
1. मेला प्रशासन ने हर वीकेंड की तरह शनिवार और रविवार के लिए सभी तरह के वाहन पास निरस्त कर रखे हैं. यानी अगर कोई यह सोच रहा है कि उसने अपनी गाड़ी का पास बनवा रखा है और प्रयागराज आने पर उसकी गाड़ी को शहर में और मेला क्षेत्र में एंट्री मिल जाएगी तो उन्हें न सिर्फ निराश होना पड़ेगा बल्कि भारी मुसीबत भी झेलना पड़ सकता है. क्योंकि किसी तरह के पास वीकेंड्स पर मान्य नहीं होंगे. 

2. शनिवार और रविवार सभी तरह के वीआईपी मूवमेंट पर रोक है कोई भी VIP एस्कॉर्ट गाड़ियों और सायरन के साथ वह संगम नोज पर नहीं आ सकता. यह सुविधा सिर्फ देश के कुछ बेहद ही बड़े VVIP के लिए अरेल घाट पर निश्चित किया गया है जहां के 5 नंबर घाट पर सुविधाएं दी जाती हैं. 

3. कुछ पार्किंग हैं जहां बाहर से गाड़ियों से आने वाले लोग अपनी पार्किंग कर सकते हैं:

  • बेला कछार पार्किंग और फाफामऊ- लखनऊ साइड से आने वाली गाड़ियों के लिए
  • नेहरू पार्किंग-कानपुर साइड से,
  • अन्दवा पार्किंग- झूंसी-वाराणसी साइड से
  • नैनी पार्किंग- एमपी स्टेट साइड से आने वाले वाहनों के लिए बनायी गई है, जिसमे कुल102 पार्किंग है. 

4. जो लोग बोट के जरिए संगम त्रिवेणी पर स्नान करना चाहते हैं ले अरेल की तरफ बोट क्लब से नाव के जरिए त्रिवेणी पहुंच सकते है. नाव के लिए दूसरा स्थान सरस्वती घाट है जहां से आम लोग नाव के जरिए त्रिवेणी तक पहुंच सकते हैं. नाव से त्रिवेणी तक जाने की इच्छा रखने वाले इस बात का ध्यान रखें कि शाम के बाद नावों का परिचालन बंद हो जाता है और 4 बजे के बाद त्रिवेणी पर नहीं पहुंचा जा सकता.

5. मेला प्रशासन के पास पांच लाख की पार्किंग क्षमता है, जिसमें रोज़ाना डेढ़ दो लाख गाड़ियां अब पार्क हो रही हैं,मुख्य स्नान और वीकेंड में 2 से 3 लाख गाड़ियां आसानी से पार्क हो सकती हैं. मेला प्रशासन का कहना है कि सिर्फ प्रशासन के द्वारा निर्धारित पार्किंग में ही अपनी गाड़ियां पार्क करें.

6. हमने पार्किंग की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं. डीएम कुंभ विजय किरण आनंद का कहना है कि हमारी टीम ने पार्किंग क्षेत्रों को व्यवस्थित करने और यातायात को सुगम बनाने के लिए काम किया है. हम सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हैं कि वे आकर गाड़ी पार्क कर स्नान करें. 

7. अब झूंसी के की तरफ की भीड़ खत्म हो चुकी है क्योंकि सभी साधु संत और अखाड़े जा चुके है. ऐसे में पोंटून पुल तो बने हैं लेकिन इसका इसका इस्तेमाल सिर्फ भीड़ को डायवर्ट करने के लिए हो रहा है. 

8. मेला क्षेत्र के डीएम विजय किरण आनंद ने कहा है कि घाट पर हमने विशेष इंतज़ाम किए हैं और पोंटून पुल बंद रहेंगे ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो. हमारा उद्देश्य है कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से स्नान कर सकें. 

 

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