मिथिलांचल के रेल यात्रियों के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी खुशखबरी आई है. समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड के डबलिंग का काम आखिरकार पूरा हो गया है. गुरुवार को इस 38 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया, जिसमें ट्रेन को 120 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर जांच पूरी की गई. इस काम के पूरा होने के बाद अब यात्रियों को ट्रेनों की लेटलतीफी और क्रॉसिंग की परेशानी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
12 किलोमीटर का आखिरी काम भी पूरा
इस रेलखंड में रामभद्रपुर और थलवारा स्टेशन के बीच का 12 किलोमीटर हिस्सा आखिरी बचा हुआ था. इसी हिस्से का दोहरीकरण पूरा होने के बाद पूरे प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया गया. इससे पहले 26 किलोमीटर हिस्से में ट्रेनों का संचालन पहले से ही हो रहा था.
स्पीड ट्रायल में मिली सफलता
रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वी परिमंडल, कोलकाता) गुरु प्रकाश ने सबसे पहले मोटर ट्रॉली से पूरे सेक्शन का निरीक्षण किया. इसके बाद थलवारा से रामभद्रपुर के बीच विशेष ट्रेन चलाकर 120-125 किमी प्रति घंटे की स्पीड ट्रायल किया गया. ट्रायल पूरी तरह सफल रहा और अधिकारियों ने संतोष जताया. इस दौरान समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा समेत निर्माण विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे.
ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, देरी से मिलेगी राहत
डबलिंग का काम पूरा होने के बाद इस रेलखंड पर अप और डाउन दोनों लाइनें अलग-अलग हो जाएंगी. इससे ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए रुकना नहीं पड़ेगा. दरअसल रेलवे में जब किसी रूट पर सिंगल लाइन ट्रैक होता है, तो उसी पर दोनों दिशाओं की ट्रेनें चलती हैं. इससे कई बार ट्रेनों को एक-दूसरे को क्रॉस करने के लिए रुकना पड़ता है, जिससे देरी होती है. लेकिन अब डबलिंग से समय पर संचालन की उम्मीद बढ़ गई है.
यात्रियों को समय की बचत और बेहतर सफर
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट से एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और सफर का समय भी कम होगा. मिथिलांचल के लोग इस परियोजना का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, जो अब पूरा हो गया है.