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क्या आपने कभी सोचा है? ट्रेन में AC-स्लीपर बीच में क्यों होते हैं... और जनरल कोच आगे-पीछे, वजह जान हो जाएंगे हैरान

किसी भी ट्रेन में जनरल कोच को आमतौर पर ट्रेन के आखिर और शुरुआत में रखा जाता है. लेकिन आमतौर पर लोग इस चीज़ के पीछे के कारण के बारे में नहीं सोचते हैं. दरअसल ऐसा करने का केवल एक मकसद होता है कि किसी तरह से ट्रेन में आने वाली भीड़ को कंट्रोल में रखा जाए और यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े.

Train On Platform
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 05 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:18 AM IST

अक्सर आपने ट्रेन से सफर करते समय एक बात जरूर देखी होगी. ज्यादातर लंबी दूरी की ट्रेनों में जनरल कोच ट्रेन के बिल्कुल आगे या पीछे की तरफ लगे होते हैं. वहीं बीच में स्लीपर और एसी कोच देखने को मिलते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जनरल कोच को ट्रेन के बीच में क्यों नहीं लगाया जाता? इसकी सवाल के पीछे कई वजह हो सकती हैं, लेकिन असल वजह यात्रियों की सहूलियत से जुड़ी हुई है.

भीड़ को नियंत्रण करना है एक वजह

जनरल कोच में रिजर्वेशन नहीं होता है. इसलिए इसमें यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा हो सकती है. कई लोग स्टेशन से डायरेक्ट ट्रेन में चढ़ते हैं और कुछ ही देर बाद उतर भी जाते हैं. हर स्टेशन पर यात्रियों की ज्यादा आवाजाही होती है. ऐसे में इन कोचों को ट्रेन के बीच में रखने से प्लेटफॉर्म पर भीड़ बढ़ सकती है.

बीच में जनरल कोच होने पर क्या होगा?

मान लीजिए ट्रेन के बीच में जनरल कोच लगा है. तब बड़ी संख्या में यात्री उसी जगह जमा होंगे. सामान लेकर आने वाले लोगों को भी उसी हिस्से में खड़ा होना पड़ेगा. इससे प्लेटफॉर्म पर आने-जाने की जगह कम हो सकती है. जनरल कोच को बीच में रखने पर यात्रियों के चढ़ने और उतरने में परेशानी बढ़ सकती है.

भीड़ बंट जाती है हिस्सों में

जनरल कोच को ट्रेन के दोनों सिरों पर रखने का एक फायदा यह है कि यात्रियों की भीड़ दो हिस्सों में बंट जाती है. कुछ यात्री ट्रेन के आगे वाले जनरल कोच की तरफ जाते हैं और कुछ पीछे वाले कोच की तरफ. इससे प्लेटफॉर्म के एक ही हिस्से पर बहुत ज्यादा भीड़ जमा नहीं होती.

एमरजेंसी में मिलेगी मदद

जनरल कोच का यह सिस्टम आपात स्थिति में भी फायदेमंद साबित हो सकता है. अगर किसी जगह ज्यादा भीड़ हो जाए या किसी तरह की परेशानी सामने आए तो यात्रियों को अलग-अलग हिस्सों से बाहर निकालना आसान रहता है. प्लेटफॉर्म पर भी लोगों को संभालने में मदद मिलती है.

कई लोग मानते हैं कि जनरल कोच को आगे या पीछे रखना यात्रियों के साथ भेदभाव है. लेकिन रेलवे के अनुसार ऐसा नहीं है. कोच की जगह तय करने में यात्रियों की आवाजाही, भीड़ और ट्रेन के संचालन जैसी बातों का ध्यान रखा जाता है. 

 

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