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Robot dogs in Beijing: अब AI की मदद से अपनी राजधानी सुरक्षित रखेगा चीन, बीजिंग में तैनात किए रोबो डॉग्स... जानिए कैसे करेंगे काम

Robot Dogs in China: फिलहाल यह प्रयोग बीजिंग के इकोनॉमिक-टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट एरिया में किया जा रहा है. बीते शनिवार यहां बीडीए पार्क में दो रोबो डॉग्स तैनात किए गए. इसके अलावा प्रशासन ने खुद चलने वाली गाड़ियां भी तैनात की हैं. ये दोनों मशीनें सुरक्षा के लिए साथ मिलकर काम करेंगी.

फिलहाल इन्हें बीजिंग के बीडीए पार्क में तैनात किया गया है.
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 12 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 9:18 AM IST
  • शुरुआती चरण में है चीन का यह प्रयोग
  • बीजिंग हाफ मैराथन में सुरक्षा देंगे ये रोबो डॉग्स

तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग की अगुवाई कर रहे चीन ने बीजिंग के टेक क्षेत्र में सार्वजनिक सुरक्षा के लिए रोबो डॉग्स (Robot Dogs) और स्वचालित गाड़ियां (Autonomous patrol vehicles) उतारने का फैसला किया है. बीजिंग इकोनॉमिक-टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट एरिया (BDA) ने एक हालिया प्रेस रिलीज में कहा कि उसने यह कदम शहरी सुरक्षा और नियंत्रण को सुधारने के लिए उठाया है. 

जब बीजिंग के पार्क में दिखे रोबो डॉग्स
दक्षिण-पूर्वी बीजिंग के बीडीए स्थित बोडा पार्क में शनिवार को दो भूरे और सफेद रंग के "रोबो डॉग्स" औक स्मार्ट वाहनों के एक बेड़े ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया. इन दोनों मशीनों का काम गश्त करना था. डॉग्स पर मोटे अक्षरों में लिखा है, "गश्त, प्रचार और रोकथाम." बीडीए ने हाल ही में गश्त के लिए यह सिस्टम तैयार किया है. इस प्रणाली में लेवल-4 की 18 स्वचालित गाड़ियां हैं. 15 कारें ऐसी हैं जिन्हें इंसान चलाते हैं और दो रोबो डॉग्स शामिल हैं.  

कैसे काम करते हैं ये रोबो?
ये रोबो डॉग्स बायोनिक चार भुजाओं वाले डिजाइन और एक सुव्यवस्थित शरीर के साथ तैयार किए गए हैं. एक रोबो डॉग का वजन लगभग 65 किलोग्राम है. बात अगर गश्त के लिए तैनात की गई स्वचालित गाड़ियों की करें तो इनमें 360-डिग्री कैमरे और सेंसर लगे हैं. ये शहर के स्मार्ट निगरानी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं. 

रोबो डॉग्स और स्वचालित गाड़ियों का यह नेटवर्क एआई (Artificial Intelligence) की मदद से असामान्य बर्ताव और आग के खतरों जैसे जोखिमों का पता लगाता है. इसके बाद यह 5G के माध्यम से अलर्ट भेजता है ताकि स्थिति को जल्द से जल्द काबू में किया जा सके. 

ये रोबो डॉग्स आईपी67 सुरक्षा से लैस हैं यानी पानी और धूल इनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते. साथ ही इनकी बैटरी लाइफ चार घंटे की है. इलाके की गश्त लगाने के अलावा ये रोबो डॉग्स बमों के निपटान में भी काम आएंगे. ये मानव रहित वाहनों के साथ 5जी इंटरनेट के जरिए जुड़े होंगे और डेटा ट्रांस्मिशन के जरिए सटीक ग्राउंड रिपोर्ट भेजा करेंगे. 

इन रोबो डॉग्स का एक अहम टेस्ट आगामी बीजिंग यिझुआंग हाफ मैराथन और दुनिया की पहली मानव रोबोट हाफ मैराथन में होगा जहां ये सुरक्षा भूमिका निभाएंगे. ग्लोबल टाइम्स ने टेक्नोलॉजी और स्ट्रैटिजी रिसर्च इंस्टीट्यूट के वाइस प्रेसिडेंट चेन जिंग के हवाले से कहा, "ये प्रयोग हालांकि अपने शुरुआती चरण में है, लेकिन ये इंटेलिजेंट रोबोट्स और स्मार्ट सिटी के निर्माण में बीजिंग की कोशिशों को दिखाता है."  

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