30वें जन्मदिन को खास बनाने की चाहत कई बार इतनी भारी पड़ सकती है कि जीवन भर उसका दुख न भुलाया जा सके. कुछ ऐसा ही हुआ एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जॉनी हेसलग्रेन के साथ, जिसने परफेक्ट लुक पाने की चाह में ऐसी कॉस्मेटिक सर्जरी करवा ली, जिसने उसकी पहचान ही बदल दी. हालत इतनी बिगड़ी कि वह कुछ समय के लिए न तो खुद को पहचान पा रहा था और न ही ठीक से देख पा रहा था.
पहले भी कराई कई सर्जरी
जॉनी पहले भी कई कॉस्मेटिक सर्जरी करवा चुका था नाक की सर्जरी, 360 लिपोसक्शन और डेंटल ट्रीटमेंट और हर बार उसे कोई परेशानी नहीं हुई. यही वजह रही कि उसने फिर से सर्जरी कराने की ठानी. लेकिन इस बार मामला अलग था. वो अपने चेहरे की जॉलाइन से खुश नहीं था और उसे और शार्प बनाना चाहता था.
प्लास्टिक सर्जरी के लिए मशहूर है सियोल
जब उसने तुर्की के सर्जनों से लोअर फेसलिफ्ट की बात की, तो उन्होंने साफ मना कर दिया. उनका कहना था कि इतनी कम उम्र में यह सर्जरी सही नहीं है. जॉनी ने इस फैसले का सम्मान तो किया, लेकिन अपनी इच्छा नहीं छोड़ी. वह बेहतर विकल्प की तलाश में दक्षिण कोरिया के सियोल पहुंच गया, जो प्लास्टिक सर्जरी के लिए दुनियाभर में मशहूर है.
सर्जरी के दौरान हालात बिगड़ गए
यहां डॉक्टरों ने उसे V-लाइन सर्जरी के साथ डीप प्लेन फेसलिफ्ट कराने का सुझाव दिया. एक ही बार में सब कुछ हासिल करने का मौका. तीन अलग-अलग सर्जनों की टीम ने ऑपरेशन किया. एक ने फेस कंटूरिंग, दूसरे ने फेसलिफ्ट और तीसरे ने लिप लिफ्ट. लेकिन सर्जरी के दौरान हालात बिगड़ गए. जॉनी को काफी ज्यादा ब्लीडिंग हुई. ऑपरेशन के बाद पहली रात ही उसके लिए बेहद मुश्किल रही. वह ठीक से मुंह बंद नहीं कर पा रहा था. अगली सुबह उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, लेकिन असली परेशानी तब शुरू हुई.
आंखों की रोशनी भी गई
लौटने के बाद उसके चेहरे पर सूजन तेजी से बढ़ने लगी. हालत इतनी खराब हो गई कि उसका चेहरा पूरी तरह बदल गया. वह खुद को आईने में पहचान नहीं पा रहा था. कुछ समय के लिए उसकी आंखों की रोशनी भी प्रभावित हुई. सर्जरी के बाद दूसरी रात जोनी के लिए बेहद मुश्किल साबित हुई. वो पूरी रात सो नहीं सका. उसकी आंखें इतनी सूज गई थीं कि वह कुछ भी देखने में असमर्थ था.
हालात इतने बिगड़ गए कि एक समय उसने खुद से बाथरूम जाने की कोशिश की, लेकिन यह फैसला उसके लिए भारी पड़ गया. बिना देखे चलने की वजह से उसे अपने आसपास का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था और इसी दौरान उसका सिर दीवार से टकरा गया. शोर सुनकर उसके दोस्त जाग गए और उन्होंने उसे संभाला तथा बाथरूम तक पहुंचाया.
डॉक्टरों ने ऑक्सीजन थेरेपी के लिए भेजा
जॉनी ने बताया कि उसने वह पूरी रात रोते हुए बिताई. उसे सीधा बैठकर रहना पड़ा और वह सो भी नहीं सका. उसने कहा, 'पोस्ट-ऑप के तीसरे दिन मेरी फॉलो-अप अपॉइंटमेंट थी, लेकिन तब तक मैं कुछ भी नहीं देख पा रहा था. मुझे यह तक पता नहीं चल रहा था कि दिन है या रात. मेरे दोस्त मुझे टैक्सी तक लेकर गए और हर जगह सहारा देकर चलाया. उसे केवल अपने चेहरे पर सूरज की गर्माहट महसूस हो रही थी. क्लिनिक पहुंचने पर डॉक्टरों ने तुरंत उसे हाइपरबैरिक चैंबर में ऑक्सीजन थेरेपी के लिए भेज दिया. जॉनी ने अपनी कहानी इंस्टाग्राम पर शेयर की है.