चीन के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है. तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने के बाद लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. ऐसे में उत्तरी चीन के शांक्सी प्रांत के युनचेंग शहर में एक रिहायशी इलाके में गर्मी से राहत देने के लिए अनोखी तकनीक अपनाई गई है. यहां ऊंची-ऊंची इमारतों की छतों पर रूफटॉप मिस्टिंग सिस्टम लगाया गया है, जो हवा में बेहद महीन पानी की फुहार छोड़ता है. इससे आसपास का तापमान कुछ ही मिनटों में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक कम हो जाता है.
क्या है रूफटॉप मिस्टिंग सिस्टम?
रूफटॉप मिस्टिंग सिस्टम एक ऐसा कूलिंग सिस्टम है, जिसमें इमारत की छत पर हाई-प्रेशर पाइप और विशेष नोजल लगाए जाते हैं. ये नोजल बहुत छोटे-छोटे पानी के कण (मिस्ट) हवा में छोड़ते हैं. ये पानी की बूंदें इतनी महीन होती हैं कि जमीन तक पहुंचने से पहले ही हवा में वाष्प बन जाती हैं. इसी प्रक्रिया के दौरान आसपास की गर्मी को अपने साथ खींच लेती हैं, जिससे वातावरण ठंडा महसूस होने लगता है.
कैसे काम करता है यह सिस्टम?
यह तकनीक इवैपोरेटिव कूलिंग से ठंडक पैदा करने के सिद्धांत पर आधारित है. छत पर लगे हाई-प्रेशर नोजल हवा में बेहद बारीक पानी की बूंदें छोड़ते हैं. गर्म हवा के संपर्क में आते ही ये बूंदें तेजी से वाष्प में बदल जाती हैं. वाष्प बनने के लिए पानी आसपास की गर्मी (Heat Energy) को अवशोषित करता है. इससे हवा और आसपास की सतह का तापमान कम हो जाता है.पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में असर दिखाने लगती है. यह बिल्कुल उसी तरह काम करता है, जैसे शरीर से निकलने वाला पसीना सूखने पर हमें ठंडक महसूस होती है.
कितनी मिलती है राहत?
यदि बाहरी तापमान लगभग 38°C हो तो यह सिस्टम 5 से 8°C तक स्थानीय तापमान कम कर सकता है. सड़कें और पैदल रास्ते ठंडे महसूस होने लगते हैं.
लोगों को धूप में चलने में अपेक्षाकृत कम परेशानी होती है. आसपास की इमारतों पर भी गर्मी का असर कुछ कम पड़ता है. सबसे खास बात यह है कि पानी की बूंदें इतनी छोटी होती हैं कि लोग भीगते नहीं हैं.
एयर कंडीशनर से कैसे अलग है यह तकनीक?
रूफटॉप मिस्टिंग सिस्टम का उद्देश्य पूरे कमरे को ठंडा करना नहीं, बल्कि खुले वातावरण का तापमान कम करना है. एसी बंद कमरे में काम करता है, जबकि मिस्टिंग सिस्टम खुले वातावरण में. एसी अधिक बिजली खर्च करता है, जबकि मिस्टिंग सिस्टम में मुख्य रूप से पानी, पंप और हाई-प्रेशर नोजल की जरूरत होती है. एसी से निकलने वाली गर्म हवा बाहर के तापमान को बढ़ा सकती है, जबकि मिस्टिंग सिस्टम आसपास की गर्मी कम करने का प्रयास करता है. बड़े सार्वजनिक स्थानों पर मिस्टिंग सिस्टम अपेक्षाकृत अधिक उपयोगी माना जाता है.
चीन को ऐसी तकनीक की जरूरत क्यों पड़ी?
चीन में हीटवेव की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं. वैज्ञानिक इसके पीछे जलवायु परिवर्तन (Climate Change) को प्रमुख कारण मानते हैं. इसके अलावा शहरों में एक और समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिसे अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट (Urban Heat Island Effect) कहा जाता है. दिनभर सूर्य की गर्मी को सोख लेती हैं और रात तक उसे छोड़ती रहती हैं. इससे शहरों का तापमान आसपास के ग्रामीण इलाकों की तुलना में काफी अधिक बना रहता है. घनी आबादी वाले अपार्टमेंट क्षेत्रों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है.
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