अफ्रीकी देश कांगो में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है. यह संक्रमण अब 6 हजार से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है. इनमें 2,911 लोगों की मौत हो चुकी है. राहत की बात यह है कि 1,360 से ज्यादा मरीज इलाज के बाद ठीक भी हुए हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे उम्मीद जगाने वाला संकेत बताया है.
फरवरी से फैल रहा था संक्रमण
कांगो में मौजूदा इबोला प्रकोप की आधिकारिक घोषणा मई में की गई थी. हालांकि अधिकारियों का मानना है कि वायरस इससे काफी पहले, फरवरी से ही फैलना शुरू हो गया था. शुरुआत में संक्रमण केवल तीन हेल्थ जोन तक सीमित था, लेकिन अब यह करीब 60 हेल्थ जोन तक पहुंच चुका है. चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में मरीज ऐसे समुदायों से सामने आ रहे हैं, जो स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में नहीं थे. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, संक्रमण अभी नियंत्रण में नहीं है. इसके 2014-16 के पश्चिम अफ्रीका के इबोला प्रकोप से भी बड़ा होने की आशंका है. उस दौरान 11 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.
दुर्लभ वायरस से फैला प्रकोप
इस बार संक्रमण बुंडिबुग्यो वायरस के कारण फैला है. यह इबोला का एक दुर्लभ प्रकार है और इसके लिए अभी कोई वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है. कांगो ने पिछले हफ्ते स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स को Ervebo वैक्सीन देना शुरू किया है. यह वैक्सीन पहले इबोला के दूसरे प्रमुख प्रकार जायर वायरस के प्रकोप में प्रभावी रही है. बुंडिबुग्यो वायरस के लिए नई वैक्सीन विकसित करने को लेकर क्लिनिकल ट्रायल भी चल रहे हैं.
पड़ोसी युगांडा से भी संक्रमण फैलने का खतरा
पड़ोसी देश युगांडा ने पिछले महीने खुद को इबोला मुक्त घोषित कर दिया था, लेकिन WHO के मुताबिक सीमा पार संक्रमण फैलने का खतरा अभी बना हुआ है. कांगो में बड़े पैमाने पर लोगों के विस्थापन और आवाजाही के कारण वायरस को दूसरे इलाकों तक पहुंचने से रोकना बड़ी चुनौती है.
इबोला के लक्षण
तेज बुखार और ठंड लगना
तेज सिरदर्द, कमजोरी और थकान
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
गले में खराश
उल्टी और दस्त
पेट में दर्द
बाद में कुछ मरीजों में खून आना या शरीर के अलग-अलग हिस्सों से रक्तस्राव हो सकता है.
गंभीर मामलों में शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं.
इबोला से बचाव कैसे करें?
संक्रमित व्यक्ति के खून, उल्टी, दस्त या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से बचें.
मरीज की देखभाल करते समय स्वास्थ्यकर्मी दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़ों का इस्तेमाल करें.
संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, बिस्तर और इस्तेमाल की चीजों को बिना सुरक्षा के न छुएं.
मृत व्यक्ति के शव को छूने या अंतिम संस्कार के दौरान सीधे संपर्क से बचें, क्योंकि शव भी संक्रमण फैला सकता है.
हाथों को साबुन-पानी से बार-बार अच्छी तरह धोएं.
संक्रमित क्षेत्र में यात्रा या भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अनावश्यक संपर्क से बचें.