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Gaza Metro: गाजा के नीचे बिछाई गईं ये असंख्य सुरंगें हैं हमास का कंट्रोल रूम, जानें गाजा मेट्रो के बारे में

सुरंगों का उपयोग सदियों से युद्ध में किया जाता रहा है, इन्हीं से हमास जैसे समूहों को ऐसी लड़ाई में फायदा मिलता है. गाजा मेट्रो दूसरी सुरंगों से इसलिए भी अलग मानी जाती है क्योंकि ये सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्र के नीचे बनाई गई है.

हमास का कंट्रोल रूम
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 4:22 PM IST
  • इन सुरंगों में छिपता है हमास 
  • 2021 में बनाई थी नीचे 500 किलोमीटर सुरंग 

हमास और इजरायल के बीच चल रही जंग रुकने का नाम ही नहीं ले रही है. इसे इजरायल के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती बताया जा रहा है. ऐसे में इजरायल की सेना भी लगातार हमले कर रही है. हालांकि, इजरायल की सेना के सामने वो सैकड़ों सुरंग भी हैं जिन्हें हमास का कंट्रोल रूम कहा जा रहा है. ये किसी भूलभुलैया से कम नहीं हैं, जिन्हें गाजा मेट्रो कहा जा रहा है. गाजा के नीचे की ये सुरंगें मिस्र से माल की तस्करी के लिए भी इस्तेमाल की जाती रही है. बोलचाल की भाषा में इजरायल डिफेंस फाॅर्स (IDF) इसे "गाजा मेट्रो" कहती है. 

2021 में बनाई थी नीचे 500 किलोमीटर सुरंग 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गाजा मेट्रो ट्रांसपोर्ट, रॉकेट और गोला-बारूद के भंडारण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. इतना ही नहीं बल्कि इसे हमास का कमांड और कंट्रोल रूम भी कहा जा रहा है. यह भूलभुलैया जैसी सुरंग आईडीएफ की हवाई निगरानी से छिपी हुई है.

हमास ने 2021 में गाजा के नीचे लगभग 500 किलोमीटर (311 मील) सुरंग बनाने का दावा किया है. हालांकि, ये आंकड़े कितने सही हैं ये कोई नहीं जानता है. बता दें, गाजा को इजरायल और मिस्र दोनों द्वारा नाकाबंदी का सामना करना पड़ता है, जिससे सुरंग निर्माण के लिए आमतौर पर उपयोग की जाने वाली भारी मशीनरी मिलना काफी चुनौतीपूर्ण है. ऐसे में कहा जा रहा है कि इन सुरंग में बुनियादी उपकरणों का उपयोग किया गया था, जैसे सुरंगों में बिजली के लिए तार लगाए गए हैं और इन्हें कंक्रीट से मजबूत किया गया है. 

सदियों से युद्ध में किया जाता है सुरंग का इस्तेमाल 

दरअसल, सुरंगों का उपयोग सदियों से युद्ध में किया जाता रहा है, जिससे हमास जैसे समूहों को ऐसी लड़ाई में फायदा मिलता है. गाजा मेट्रो वाली सुरंग को दूसरी सुरंगों से इसलिए भी अलग माना जाता है क्योंकि ये वैश्विक स्तर पर सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक के नीचे बनाई गई है. गाजा शहर में लगभग 20 लाख लोग रहते हैं, ऐसे में ये सुरंग सबसे अलग बताई जाती है. 

इन सुरंगों में छिपता है हमास 

आईडीएफ ने आरोप लगाया है कि हमास इन सुरंगों के भीतर छिपता है. और चूंकि ये सुरंग निर्दोष गाजावासियों के घरों और इमारतों के नीचे है इसलिए ये एक तरह से मानव ढाल का काम कर रही हैं. हालांकि, इनपर पहले भी इजरायल अटैक कर चुका है. इससे पहले भी इजरायल ने 2014 में गाजा पर जमीनी हमला किया था. 

 

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