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Israel-Hamas War: गाजा नहीं छोड़ सकेगा कोई भी विदेशी, हमास ने नागरिकों को बाहर जाने पर लगाई रोक, आतंकियों की नहीं गली दाल तो चली चाल

आतंकियों के मिस्र भागने की कोशिश नाकाम होने के बाद अब हमास ने एक नई चाल चली है. उसने किसी भी विदेशी नागरिक के गाजा छोड़कर बाहर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इजराइल और हमास के बीच युद्ध में अबतक हजारों लोग मारे जा चुके हैं.

विदेशी नागरिकों को गाजा छोड़ने पर हमास ने लगाई रोक (फाइल फोटो)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 05 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 2:17 PM IST
  • 7 अक्टूबर 2023 के हमास ने इजराइल पर किया था हमला
  • हजारों लोग अबतक जा चुके हैं मारे

इजराइल-हमास युद्ध के बीच हमास ने गाजा से विदेशी नागरिकों की निकासी पर रोक लगा दी है. अब कोई भी विदेशी पासपोर्ट धारक इजराइल की कार्रवाई के बीच गाजा नहीं छोड़ सकेगा. पिछले दिनों गाजा पट्टी से विदेशी नागरिकता वाले पासपोर्ट धारकों को इलाज के लिए रफा बॉर्डर के रास्ते मिस्र भेजा जा रहा था. 

हमास आतंकियों के मिस्र भागने की कोशिश नाकाम
हमास आतंकियों के मिस्र भागने की कोशिश नाकाम होने के बाद अब उसने एक नई चाल चली है. हमास ने अब किसी भी विदेशी नागरिक के मिस्र जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. आपको बता दें कि आतंकी घायल फिलिस्तीनियों की आड़ में मिस्र भागने की फिराक में थे. ऐसे में इजराइली सेना का आदेश आया था कि वो अब घायल फिलिस्तीनियों को बॉर्डर पार नहीं जाने देंगे. अपने मनसूबे पर पानी फिरता हुआ देखकर हमास ने ये आदेश जारी किया है.

इजराइली मीडिया की कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार एक अधिकारी ने दावा करते हुए कहा- 'कोई भी विदेशी पासपोर्ट धारक गाजा पट्टी छोड़ने में सक्षम नहीं होगा जब तक कि उत्तरी गाजा के अस्पतालों से निकाले जाने वाले घायल लोगों को राफा क्रॉसिंग के माध्यम से मिस्र नहीं ले जाया जाता.' इससे पहले अमेरिकी अधिकारी ने कहा था कि हमास ने मिस्र भेजे जाने वाले घायल फिलिस्तीनियों की जो लिस्ट जारी की थी, उसमें एक तिहाई नाम अपने आतंकियों के शामिल किए थे.

अमेरिकी अधिकारी ने क्या कहा
अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि पहले तो गाजा पट्टी से लोगों को निकालने में हमास बाधा उत्पन्न कर रहा था, लेकिन जब गाजा में मानवीय संकट बढ़ने लगा, तब उसने कहा कि वो विदेशी नागरिकों को गाजा पट्टी से जाने देगा. इसके बाद घायल फिलिस्तीनियों की लिस्ट में एक तिहाई नाम आतंकियों के देखकर हर किसी को झटका लगा. ये न मिस्र के लिए स्वीकार्य था और न ही अमेरिका और इजराइल के लिए. इसके बाद दूसरे राउंड की वार्ता चली और इसमें इस बात पर सहमति बनी कि जो भी घायल फिलिस्तीनी गाजा पट्टी से निकाले जाएंगे, उसमें एक भी हमास का आतंकी नहीं होगा. इसमें सिर्फ वो मासूम फिलिस्तीनी नागरिक होंगे जो इस भयानक युद्ध का शिकार हैं.

एंबुलेंस पर किया था हमला 
इजराइली सेना ने शुक्रवार को गाजा के सबसे बड़े अल शिफा अस्पताल के बाहर स्थित एक एंबुलेंस पर हमला किया था. इजराइल ने दावा किया था कि इसका इस्तेमाल हमास द्वारा किया जा रहा था. गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमले में कम से कम 15 लोग मारे गए और 60 घायल हो गए.

हिजबुल्लाह पर भड़का सऊदी अरब
सऊदी अरब के प्रिंस अब्दुलरहमान बिन मोसाद ने शनिवार को गाजा में युद्ध को लेकर दिए गए भाषण के बाद हिजबुल्लाह महासचिव हसन नसरल्लाह पर तीखा हमला बोला. प्रिंस बिन मोसाद ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि प्रतिरोध की धुरी (एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस) एक बड़ा झूठ है. हिजबुल्लाह के पास जो 100,000 मिसाइलें और बड़े हथियार हैं, उनका फिलिस्तीनी उद्देश्य के समर्थन से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि तथाकथित प्रतिरोध धुरी वर्षों से फिलिस्तीनी मुद्दे से निपट रही है और यह क्षेत्र में ईरान के एजेंडे को लागू करने का एक साधन मात्र है.

हिजबुल्लाह चीफ ने सऊदी पर साधा था निशाना
हसन नसरल्लाह ने अपने भाषण में कहा था कि ऑपरेशन अल-अक्सा फ्लड केवल एक फिलिस्तीनी ऑपरेशन है और प्रतिरोध धुरी (एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस) इससे आश्चर्यचकित थी. उन्होंने दावा किया कि हमास के इस हमले ने कुछ देशों के मुखौटों को हटा दिया है. जाहिर है कि नसरल्लाह का इशारा सऊदी अरब की ओर था, जो इजराइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने की कोशिश कर रहा था. इसके एवज में सऊदी अरब को अमेरिका से नाटो जैसा भागीदार देश का दर्जा मिलने वाला था, जो अभी तक सिर्फ इजराइल के पास है.

हमास का दावा- इजराइली हवाई हमले के बाद 60 से अधिक बंधक लापता 
फिलिस्तीनी गुट हमास की सशस्त्र शाखा ने बताया कि गाजा पर इजराइली हवाई हमलों के कारण 60 से अधिक बंधक लापता हैं. पिछले महीने के अंत में हमास ने कहा था कि गाजा पर इजराइली हमलों में 50 लोग मारे गए थे. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू ने कहा है कि वह हमास का अंत करने के बाद ही शांत बैठेंगे. इज अल-दीन अल-कसम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू उबैदा ने हमास के टेलीग्राम अकाउंट पर कहा कि 60 लापता इजराइली बंधकों में से 23 शव मलबे के नीचे फंसे हुए थे. 

उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि गाजा के खिलाफ कब्जे की जारी क्रूर आक्रामकता के कारण हम उन तक कभी नहीं पहुंच पाएंगे. हालांकि, इस मामले में इजराइली सेना ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. बता दें कि 7 अक्टूबर 2023 के हमलों के बाद इजराइल ने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ जवाबी युद्ध शुरू किया है. हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि गाजा पर हो रहे हवाई, जमीन और समुद्री हमलों में करीब 9,500 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. वहीं इजराइल पर हमास के हमले में 1400 लोगों की जान चल गई थी, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे.  

 

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