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कंबोडिया में चूहे का बनाया गया स्टैच्यू,100 से ज्यादा लैंडमाइंस खोजकर बचाई थीं हजारों जिंदगियां

इस चूहे का नाम मगावा था. ये कोई साधारण चूहा नहीं था. अपनी अद्भुत सूंघने की क्षमता के कारण उसने अपने 5 साल के करियर में 100 से ज्यादा लैंडमाइंस और बम ढूंढ निकाले.

Cambodia Hero Rat
gnttv.com
  • नई दिल्लीv,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:03 AM IST
  • हीरो रैट को मिला बड़ा सम्मान
  • छोटे से चूहे ने बचाईं हजारों जानें

कंबोडिया के Siem Reap में एक अनोखे हीरो को सम्मान दिया गया, जिसकी कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. इंटरनेशनल डे फॉर माइन अवेयरनेस के मौके पर एक खास चूहे की प्रतिमा का अनावरण किया गया. पत्थर से बनी यह मूर्ति स्थानीय कलाकारों ने तैयार की है, जो अब देश के लिए गर्व, साहस और प्रेरणा का प्रतीक बन गई है.

100 से ज्यादा लैंडमाइंस खोजकर बचाई जानें
इस चूहे का नाम मगावा था. ये कोई साधारण चूहा नहीं था. अपनी अद्भुत सूंघने की क्षमता के कारण उसने अपने 5 साल के करियर में 100 से ज्यादा लैंडमाइंस और बम ढूंढ निकाले. उसकी वजह से करीब 15 लाख स्क्वायर फीट जमीन सुरक्षित हो सकी, जो अब खेती और रहने के काम आ रही है. यह क्षेत्र लगभग 20 फुटबॉल मैदानों के बराबर है.

PDSA ने दिया Medal of Gallantry
मगावा के साहस और योगदान को देखते हुए ब्रिटेन की पशु चिकित्सा संस्था PDSA ने 2020 में उसे मेडल ऑफ गैलेंट्री से सम्मानित किया था. यह सम्मान आमतौर पर जानवरों के असाधारण साहस के लिए दिया जाता है.

APOPO के जरिए मिला प्रशिक्षण
मगावा को बेल्जियम की संस्था APOPO ने ट्रेनिंग दी थी. यह संस्था हीरो रैट्स को माइन डिटेक्शन के लिए तैयार करती है. ये चूहे इतने हल्के होते हैं कि माइन पर चलने के बावजूद विस्फोट नहीं होता, जिससे ये इंसानों और कुत्तों से ज्यादा सुरक्षित साबित होते हैं.

30 मिनट में टेनिस कोर्ट जितना इलाका साफ
जहां इंसानों को मेटल डिटेक्टर के साथ एक टेनिस कोर्ट जितना इलाका साफ करने में 4 दिन लग सकते हैं, वहीं मगावा जैसे रैट्स यह काम सिर्फ 30 मिनट में कर लेते हैं. यही वजह है कि इनका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है.

लैंडमाइंस दुनिया की बड़ी समस्या
दुनियाभर में युद्धों के बाद जमीन में छिपी लैंडमाइंस आज भी खतरा बनी हुई हैं. खासकर बच्चे इन्हें खिलौना समझकर हादसे का शिकार हो जाते हैं. ऐसे में मगावा जैसे हीरो रैट्स उम्मीद की किरण बनकर सामने आए हैं.

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