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Malaysia's Unique Monarchy: मलेशिया में कैसे होता है राजा का चुनाव, इस अनोखी परंपरा को जानिए

मलेशिया में एक अनोखी परंपरा से राजा का चुनाव होता है. देश के 9 सुल्तान बारी-बारी से राजा बनते हैं. इस बार जोहोर के Sultan Ibrahim Sultan Iskandar को राजा बनने का मौका मिलेगा. इब्राहिम 64 साल के है और राजनीतिक मसलों पर खुलकर बोलते हैं.

Sultan Ibrahim Sultan Iskandar का मलेशिया का राजा बनने की बारी है (Photo/Facebook)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 1:16 PM IST

मलेशिया के सुल्तान एक अनोखे तरीके से राजा का चुनाव करते हैं. इसके लिए आज एक बैठक होने वाली है. इस बैठक में देश के नए राजा का चुनाव होगा. दरअसल दक्षिण पूर्व एशियाई देश मलेशिया में संसदीय लोकतंत्र है. जिसका प्रमुख राजा होता है. राजा इस देश में बड़े पैमाने पर औपचारिक भूमिका निभाता है. लेकिन मलेशिया में लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता है, जिसकी वजह से हाल के सालों में राजशाही ज्यादा प्रभावशाली हुई है. इस देश में हर 5 साल में राजा बदल जाता है. राजा के चुनाव के लिए एक अलग तरह की व्यवस्था है.

कौन होता है मलेशिया का राजा-
मलेशिया में 13 राज्य हैं. लेकिन 9 शाही परिवार के मुखिया 9 राज्यों के सुल्तान हैं, जो बारी-बारी से 5-5 साल के लिए राजा बनते हैं.
ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से आजादी मिलने के बाद साल 1957 में सुल्तानों के बीच रोटेशन का क्रम वरिष्ठता के आधार पर तय किया गया था. इसमें सबसे ज्यादा समय तक शासन करने वाले को प्रमुखता दी जाती थी. लेकिन जब शभी शाही परिवारों ने एक-एक कार्यकाल पूरा कर लिया तो इस नियम को हटा दिया गया. अब वे बारी-बारी से राजा बनते हैं.

गुप्त मतदान से तय होते हैं राजा-
भले ही राजा बनने का तरीका पहले से तय है. इसके बावजूद एक गुप्त मतदान होता है. इस गुप्त मतदान में बैलेट पेपर का इस्तेमाल होता है. हालांकि उस बैलेट पेपर पर उस सुल्तान का नाम होता है, जिसकी राजा बनने की बारी होती है. हर सुल्तान को ये बताना जरूरी होता है कि क्या नामांकित व्यक्ति राजा बनने के लिए उपयुक्त है? राजा बनने के लिए उम्मीदवार को बहुमत मिलना चाहिए. जब वोटिंग के नतीजे घोषित हो जाते हैं तो बैलेट पेपर्स को सुल्तानों के सामने नष्ट कर दिया जाता है. हालांकि ये सिर्फ औपचारिकता भर होता है. क्योंकि राजा का नाम पहले से तय होता है. नया राजा जनवरी में राजा अल-सुल्तान अब्दुल्ला की जगह लेगा.

कौन होगा अगला राजा-
सुल्तान इब्राहिम सुल्तान इस्कंदर के राजा बनने की बारी है. सुल्तान इस्कंदर 64 साल के हैं और वो मलेशिया के दक्षिणी राज्य जोहोर से आते हैं. सुल्तान इब्राहिम दूसरे सुल्तानों के विपरीत राजनीति को लेकर काफी मुखर हैं. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री के साथ उनके अच्छे संबंध हैं.

सुल्तान के पास लग्जरी गाड़ियों का कलेक्शन-
सुल्तान इब्राहिम के पास लग्जरी बाइक और कारों का कलेक्शन है. वो रियल एस्टेट से लेकर खनन तक के कारोबार से जुड़े हैं. सुल्तान इब्राहिम की हिस्सेदारी वाली कंपनी एक चीनी कंपनी के साथ मिलकर जोहोर राज्य में 100 अरब डॉलर की फॉरेस्ट सिटी परियोजना पर काम किया है. सुल्तान सार्वजनिक तौर पर जोहार और सिंगापुर के बीच एक विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित करने की वकालत कर चुके हैं.

राजा के पास क्या हैं शक्तियां-
मलेशिया में राजा बड़े पैमाने पर औपचारिक भूमिका निभाते हैं और इस मुस्लिम बहुल देश में इस्लाम के संरक्षण के तौर पर काम करते हैं. संघीय संविधान के मुताबिक राजा को प्रधानमंत्री और कैबिनेट की सलाह पर काम करना होता है. हालांकि इसमें कुछ अपवाद भी हैं. 
राजा को उसे प्रधानमंत्री की नियुक्ति करने का अधिकार है, जिसके बारे में उनको लगाता है कि उसके पास संसद में बहुमत है. हालांकि इस शक्ति का इस्तेमाल साल 2020 तक कभी नहीं किया गया. क्योंकि प्रधानमंत्री को आम चुनाव के जरिए चुना जाता है. लेकिन आज के राजनीतिक अस्थिरता ने राजा को एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए मजबूर कर दिया है. पिछले तीन प्रधानमंत्रियों को वर्तमान राजा अल-सुल्तान अब्दुल्ला ने नियुक्त किया है.

साल 2020 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने इस्तीफा दे दिया था तो राजा ने पहले सभी 222 सांसदों से मुलाकात की थी और ये जानने की कोशिश की थी कि अगली सरकार कौन बना सकता है. उसके बाद मुहिद्दीन यासीन को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था. साल 2021 में जब मुहिद्दीन ने बुमत खो दिया था तो इसी प्रोसेस से इस्माइल साबरी याकूब को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था. साल 2022 में अनवर इब्राहिम को भी इसी तरह से प्रधानमंत्री बनाया गया था.

राजा के पास दोषी व्यक्तियों को क्षमा देने का भी अधिकार है. साल 2018 में तत्कालीन राजा ने अनवर को माफ कर दिया था. जिसे अप्राकृति यौनाचार और भ्रष्टाचार के चलते जेल में डाल दिया गया था. राजा का मानना था कि ये राजनीति के प्रेरित था.

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