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Foreign direct investment से लेकर टूरिज्म तक, इन पांच सोशल-इकोनॉमिक इंडिकेटर्स पर हो सकता है भारत-कनाडा तनाव का असर

India Canada Row Updates: भारत और कनाडा, दोनों देशों के बीच का रिश्ता काफी पुराना है और गहरा है. यह पहली बार है कि दोनों देशों के बीच इस तरह के राजनयिक विवाद की स्थिति बनी है.

India-Canada Row Updates
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 22 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 1:06 PM IST
  • कनाडा 5.26% प्रवासी भारतीयों का घर है
  • विदेश में पढ़ने वाला हर सातवां भारतीय छात्र कनाडा में है

कनाडा के साथ तनाव भारत के राजनयिक संबंधों के इतिहास में अपनी तरह की पहली स्थिति है और इस कारण व्यापार और लोगों से लोगों के संबंधों सहित कई क्षेत्रों में संभावित प्रभाव पर चिंताएं पैदा हो गई हैं. ऐसा विशेष रूप से इसलिए है क्योंकि दोनों देशों के बीच संबंध पुराने और गहरे हैं, और बात जनसंख्या की करें तो कनाडा भारत से भी ज्यादा सिखों का घर है. 

यहां पर हम आपको बता रहे हैं पांच सोशल-इकोनॉमिक इंडिकटर्स के बारे में जिनपर इस तनाव का असर पड़ सकता है. 

1. भारत में कुल FDI का 0.56% कनाडा से आता है
भारतीय उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अनुसार, अप्रैल 2000 से जून 2023 के बीच भारत में कुल FDI (फॉरेन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट) इक्विटी प्रवाह $645,386.0884 मिलियन था, जिसमें से 0.5644 प्रतिशत ($3,642.5243 मिलियन) कनाडा से आया था. आपको बता दें कि FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) एक देश की किसी कंपनी या व्यक्ति द्वारा दूसरे देश में स्थित व्यावसायिक हितों में किया गया निवेश है. FDI इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण है.  

2. कनाडा 5.26% प्रवासी भारतीयों का घर है
विदेश मंत्रालय से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 3,21,00,340 प्रवासी भारतीयों में से 5.26% (16,89,055) कनाडा में हैं. इनमें 1,78,410 अनिवासी भारतीय (NRIs) और 15,10,645 भारतीय मूल के व्यक्ति (POIs) शामिल हैं. हालांकि, इस तनाव के बाद कनाडा सरकार ने आश्वासन दिया है कि कनाडा भारतीयों के लिए सुरक्षित है. 

3. विदेश में पढ़ने वाला हर सातवां भारतीय छात्र कनाडा में है
विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में, विदेश में अनुमानित 13,24,954 भारतीय छात्रों में से 13.83% (1,83,310) कनाडा में थे. भारत से बड़ी मात्रा में छात्र पढ़ने के लिए कनाडा जाते हैं और बहुत से लोग जॉब के लिए भी कनाडा जाते हैं. इसे देखते हुए भारत ने हाल ही में छात्रों के लिए एडवाइजरी जारी की थी कि उन्हें कनाडा में अलर्ट रहना होगा. लेकिन कनाडा ने इसे खारिज किया औक कहा कि उनका देश सुरक्षित है. 

4. भारत में पर्यटकों का चौथा सबसे बड़ा स्रोत है कनाडा (2021 के आंकड़ों के आधार पर)
2021 के दौरान भारत में विदेशी पर्यटकों के आगमन (Foreign Tourist Arrivals/FTA) में कनाडा का हिस्सा 5.3% (80,437) था; इन पर्यटकों में से 45.9% महिलाएं थीं, और 54.1% पुरुष थे. कनाडाई एफटीए के 72.6% भारतीय प्रवासी थे, 2.5% अवकाश, छुट्टी और मनोरंजन के लिए आए थे, 1.1% व्यवसाय और पेशेवर कारणों से, और 0.3% मेडिकल कारणों से आए थे.

2021 में कनाडाई एफटीए में 0.1% छात्र थे, और 23.4% अन्य की श्रेणी में थे. उन्होंने भारत में औसतन 52.32 दिन बिताए. महामारी से पहले वर्ष 2019 में कनाडा से आने वाले टूरिस्टों की संख्या 2001 में 88,600 से बढ़कर 3,51,859 हो गई.  हालांकि, महामारी के बाद, कनाडा से आगमन में तेजी से गिरावट आई है. 

5. कनाडा के साथ है 0.70% द्विपक्षीय व्यापार (बाइलेटेरल ट्रेड)
वित्त वर्ष 2022-23 (अप्रैल-मार्च) के दौरान कनाडा के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 8,161.02 मिलियन डॉलर रहा, जो भारत के कुल 1,165,000.88 मिलियन डॉलर का सिर्फ 0.70% था. कनाडा भारत का 35वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार देश था. भारत का नेपाल (8,855.61 मिलियन डॉलर) और ताइवान (10,901.77 मिलियन डॉलर) जैसे छोटे देशों के साथ ज्यादा द्विपक्षीय व्यापार है.

बताया जा रहा है कि व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में है और कनाडा उन कुछ देशों में से है जिनके साथ भारत का ट्रेड सरप्लस है.  2022-23 में, कनाडा को भारत का निर्यात $4,109.74 मिलियन था, जो देश से इसके आयात ($4,051.29 मिलियन) से अधिक था - जिससे $58.45 मिलियन का ट्रेड सरप्लस था. 

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