संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर कश्मीर और आतंकवाद को लेकर बयानबाजी देखने को मिली. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर का मुद्दा उठाया था. इसके बाद भारत ने 'राइट टू रिप्लाई' के तहत पाकिस्तान के बयान का जवाब दिया. भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने भारत का पक्ष रखा.
पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि बार-बार एक ही बात दोहराने से वह सच नहीं बन जाती. उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद और दोहरे रवैये का आरोप लगाया. भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को दूसरे देशों पर टिप्पणी करने से पहले अपने यहां के हालात पर ध्यान देना चाहिए.
गहलोत ने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था और सेना की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन का जिक्र किया. रिपोर्ट के अनुसार, इस संशोधन के तहत पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को आजीवन कानूनी सुरक्षा दी गई है.
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर को लेकर पाकिस्तान का पुराना रुख दोहराया था. उन्होंने दक्षिण एशिया में फिर से 2025 जैसी स्थिति नहीं बनने देने के लिए कश्मीर समस्या के समाधान की बात कही.
इसके जवाब में भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है. गहलोत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में लोगों की स्थिति का भी मुद्दा उठाया और वहां हिंसा तथा बुनियादी अधिकारों से जुड़े सवालों का जिक्र किया.
भारत ने UN में सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा भी उठाया. गहलोत ने कहा कि भारत को आतंकवाद से अपनी रक्षा करने का अधिकार है. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान से होने वाले लगातार आतंकवाद के मामले में भारत अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाएगा.
गहलोत ने 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया. भारत के अनुसार, 22 अप्रैल 2025 को हुए इस हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी. इसके बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया था.
भारत ने अपने जवाब में 9/11 हमले का भी उल्लेख किया. गहलोत ने कहा कि अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के पास लंबे समय तक रहा था. भारत ने इस उदाहरण का इस्तेमाल पाकिस्तान के आतंकवाद संबंधी रिकॉर्ड पर सवाल उठाने के लिए किया.
इस तरह UNGA में शहबाज शरीफ के कश्मीर संबंधी बयान के बाद भारत ने आतंकवाद, कश्मीर और पाकिस्तान के अंदरूनी हालात से जुड़े मुद्दों पर अपना जवाब दिया. दोनों देशों के बयान से एक बार फिर साफ हुआ कि कश्मीर और आतंकवाद को लेकर भारत और पाकिस्तान के रुख में बड़ा अंतर बना हुआ है.