Women's Day 2026: 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस? जानें इतिहास-महत्व और इस साल की थीम

Mahila diwas 2026: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है. आइए जानते हैं आखिर क्यों पूरी दुनिया में इसी दिन  इंटरनेशनल विमेंस डे मनाया जाता है और इस साल इस दिवस की थीम क्या है?

International Womens Day 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 07 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:11 AM IST

पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है. यह दिन महिलाओं की उपलब्धियों और उनके जज्बे को समर्पित होता है. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के अधिकारों, समानता, सम्मान और उनके सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक तथा राजनीतिक योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है.

इंटरनेशनल विमेंस डे की हर साल एक थीम होती है. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम 'Give to Gain' यानी  दान से लाभ है. साल 2025 में थीम थी- सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए: अधिकार, समानता सशक्तिकरण. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन जगह-जगह कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, सेमिनार और सम्मान समारोह का आयोजन किया जाता है. इसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है.

कैसे हुई अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत साल 1908 में 15000 कामकाजी महिलाओं ने अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक विशाल जुलूस निकाल कर की थी. इन महिलाओं ने अपने काम करने के घंटों को कम करने, बेहतर तनख्वाह और वोट डालने जैसे अपने अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई शुरू की थी. उस समय इस आंदोलन से समाजिक दौर की सभ्य समाज में महिलाओं की हकीकत सामने आई थी. आज भी महिलाओं की उसी समाजिक स्थिती को सुधारने और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है.

इस दिन मनाया गया था सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 
सबसे पहले अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आह्वान पर महिला दिवस को 28 फरवरी 1909 को मनाया गया था. बाद में 1910 में सोशलिस्ट इंटरनेशनल के कोपेनहेगन सम्मेलन में इसे अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया. महिलाओं के इस आंदोलन को बड़ी कामयाबी मिली.

इस दिवस को अंतरराष्ट्रीय बनाने का आइडिया कहां से आया 
महिला दिवस को अंतरराष्ट्रीय बनाने का आइडिया एक महिला का ही था. क्लारा जेटकिन ने 1910 में कोपेनहेगन में कामकाजी महिलाओं की एक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के दौरान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का सुझाव दिया. उस समय कॉन्फ्रेंस में 17 देशों की 100 महिलाएं मौजूद थीं. उन सभी ने इस सुझाव का समर्थन किया. इसके बाद साल 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया था. 1975 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को आधिकारिक मान्यता उस वक्त दी गई थी जब संयुक्त राष्ट्र ने इसे सलाना तौर पर एक थीम के साथ मनाना शुरू किया. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पहली थीम थी 'सेलीब्रेटिंग द पास्ट, प्लानिंग फ़ॉर द फ्यूचर.'

8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 
आखिर 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस. दरअसल,  रूस की महिलाओं ने ब्रेड एंड पीस यानी रोटी और शांति की मांग को लेकर 8 मार्च 1917 में ऐतिहासिक हड़ताल की थी. इस हड़ताल के बाद रूस के जार ने सत्ता छोड़ी तब वहां की अंतरिम सरकार ने महिलाओं को वोट देने के अधिकार दिया. यही वजह है कि ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक 8 मार्च को महिला दिवस के तौर पर मनाने के लिए चूज किया गया. 

 

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