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15 साल में Britain से गई Syria, आतंकी से की शादी, 3 बार बनी मां... ये है ISIS Bride Shamima Begum की कहानी

Shamima Begum Story: साल 2015 में ब्रिटेन से भागकर सीरिया गई शमीमा बेगम की नागरिकता बहाली की अपील को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. साल 2019 में सरकार ने शमीमा की नागरिकता छीन ली थी. शमीमा दो लड़कियों के साथ तुर्की के रास्ते सीरिया गई थी और आतंकी संगठन ISIS में शामिल हो गई थी.

ब्रिटेन से सीरिया गई शमीमा बेगम की नागरिकता बहाल नहीं होगी (Photo/ITV)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 9:33 AM IST

आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने के लिए देश छोड़कर भागने वाली लड़की की ब्रिटेन की नागरिकता बहाल नहीं होगी. ब्रिटेन की एक अदालत ने शमीमा बेगम की नागरिकता छीनने के होम डिपार्टमेंट के फैसले को सही ठहराया है. शमीमा साल 2015 में अपनी दो सहेलियों के साथ ब्रिटेन छोड़कर सीरिया चली गई थी और उस वक्त उसकी उम्र सिर्फ 15 साल थी.

शमीमा के केस में कब क्या हुआ-
सीरिया में 4 साल रहने के बाद शमीमा बेगम ने फरवरी 2019 में ब्रिटेन लौटने के लिए सरकार से गुहार लगाई. उस वक्त शमीमा सीरिया के रिफ्यूजी कैंप में रह रही थी. 19 फरवरी 2019 को ही होम मिनिस्टर साजिद जावेद ने उसकी नागरिकता रद्द कर दी थी. इसके बाद शमीमा ने इसके खिलाफ नागरिकता रद्द करने के सरकार के फैसले को अदालत में चुनौती दी. साल 2020 में ब्रिटिश कोर्ट ऑफ अपील ने कहा कि शमीमा को ब्रिटेन आने की इजाजत दी जाना चाहिए, ताकि मामले की निष्पक्ष सुनवाई हो सके. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलट दिया.
नवंबर 2022 में दूसरी अपील पर 5 दिन तक सुनवाई हुई. शमीमा के वकील ने उसको विक्टिम बताया और कहा कि वो मानव तस्करी की शिकार हुई. तो उसकी नागरिकता कैसे छीनी जा सकती है. ये गैरकानूनी होगा. हालांकि अब कोर्ट ने शमीमा बेगन की नागरिकता की बहाली की मांग को खारिज कर दिया है और सरकार के फैसले को सही ठहराया है.

कौन हैं शमीमा बेगम-
शमीमा बेगम बांग्लादेश मूल की ब्रिटिश नागरिक है. साल 2015 में वो दो लड़कियों के साथ लंदन से सीरिया गई थी. शमीमा आईएसआईएस में शामिल हुई थी. साल 2019 में शमीमा सीरिया के एक रिफ्यूजी कैंप में मिली थी. उस कैंप में ही शमीमा को बच्चा पैदा हुआ. लेकिन बच्चे की मौत हो गई. बताया जाता है कि शमीमा को सीरिया में और भी दो बच्चे पैदा हुए थे. उन दोनों बच्चों की भी मौत हो गई थी.

सीरिया कैसे पहुंची शमीमा-
साल 2015 में शमीमा बेगम दो लड़कियों के साथ गैटविक एयरपोर्ट से तुर्की गई. वो तुर्की में उर्फा के रास्ते सीरिया गई. शमीमा ने सीरिया में एक आतंकी से शादी की. जनवरी 2017 में शमीमा रक्का से मायादीन पहुंची. वो सीरिया के हाजिन, सुसा और बगुज जैसे शहरों में रही. साल 2019 में शमीमा ने बगुज में आईएसआईएस का साथ छोड़ दिया और रिफ्यूजी कैंप में रहने लगी. शमीमा ने एक न्यूज चैनल से इंटरव्यू में बताया था कि जब वो 15 साल की थी तो कुछ दोस्तों ने उसका माइडवॉश किया था. शमीमा के मुताबिक उन लोगों से ऑनलाइन मुलाकात हुई थी.

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