पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के मुजफ्फराबाद में आज बड़ा मार्च निकल रहा है. इसके एक दिन पहले पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई थी. आज प्रस्तावित मुजफ्फराबाद मार्च से पहले रावलाकोट समेत कई इलाकों में प्रदर्शन तेज हो गए हैं. इस बीच विरोध प्रदर्शनों में स्कूली बच्चे भी शामिल होते दिखाई दिए.
प्रदर्शन में बच्चे भी शामिल-
प्रदर्शन स्थल से सामने आए वीडियो में स्कूली बच्चे और बच्चियां पाकिस्तान के अधीन महिलाओं और लड़कियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर चिंता जताते नजर आ रहे हैं. स्कूली बच्चियों ने पाकिस्तान के कब्जे से आजादी की मांग करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे लोगों को पाकिस्तानी सेना मार रही है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की.
दमन के जिम्मेदार लोगों पर हो कार्रवाई- प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में लोगों के साथ कथित हिंसक व्यवहार के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए. उनका आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ बल प्रयोग किया जा रहा है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
एक महीने से चल रहा प्रदर्शन-
रावलाकोट में पिछले करीब एक महीने से विरोध प्रदर्शन जारी हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आंदोलन को दबाने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने सख्ती की. लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शन जारी हैं.
PoJK पर कब्जा किया गया है- सरदार अमान खान
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में पिछले 40 दिनों से जारी जन आंदोलन के बीच पाकिस्तान के आधिकारिक नैरेटिव को खुली चुनौती दी गई है. आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक सरदार अमान खान ने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि PoJK न तो आजाद है और न ही विवादित क्षेत्र, बल्कि यह एक कब्जे वाला इलाका है.
उनके इस बयान के बाद सभा में मौजूद हजारों लोगों ने जोरदार तालियों और नारों के साथ उनका समर्थन किया. रावलाकोट में पिछले 40 दिनों से अधिक समय से जारी जन आंदोलन के बीच अमान खान का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसे पाकिस्तान के उस आधिकारिक नैरेटिव पर सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें PoJK को “आजाद कश्मीर” बताया जाता है.
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