नेपाल में आम चुनाव के नतीजे आने लगे हैं. रुझानों में बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के पक्ष में जबरदस्त लहर दिख रही है. चुनाव में जनता ने सीपीएन-यूएमएल, नेपाली कांग्रेस और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी को नकार दिया है. नेपाल में बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना करीब-करीब तय माना जा रहा है. बालेन शाह काठमांडू के मेयर भी रह चुके हैं. बालेन शाह का भारत से खास कनेक्शन रहा है. हालांकि वो भारत को लेकर अपनी बयानबाजी को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. चलिए नेपाली जनता के हीरो बालेन शाह की कहानी बताते है.
कौन हैं बालेंद्र शाह?
बालेंद्र शाह पॉलिटिकल बदलाव के सिंबल के तौर पर उभरे हैं. वो युवाओं में बालेन शाह के नाम से फेमस हैं. बालेन शाह काठमांडू के 15वें मेयर हैं. वो पेशे से सिविल इंजीनियर हैं. 35 साल के बालेन हिप-हॉप आर्टिस्ट के तौर पर शुरुआती पहचान बनाई. उनके गाने करप्शन के खिलाफ थे. धीरे-धीरे वो रैपर के तौर पर मशहूर हो गए.
काठमांडू के मेयर चुने गए बालेन शाह-
बालेन शाह की लोकप्रियता बढ़ने लगी तो उन्होंने सियासत में किस्मत आजमाने का फैसला किया. बालेन ने साल 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर काठमांडू मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी छवि करप्शन से लड़ने वाले की बनाई. चुनाव में जनता ने उनको खूब समर्थन दिया. इस चुनाव में बालेन ने इतिहास रच दिया और मेयर चुने गए. उनके काम करने के तरीके को जनता ने खूब पसंद किया.
बालेन शाह का भारत कनेक्शन-
बालेन शाह का भारत से खास रिश्ता रहा है. बालेन ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर्नाटक से की है. बालेन का जन्म 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू के नरदेवी में एक मैथिल मूल के मधेशी परिवार में हुआ था. उनके पिता राम नारायण शाह एक डॉक्टर हैं. उनकी 12वीं की पढ़ाई वीएस निकेतन हायर सेकेंडरी स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने हिमालयन व्हाइटहाउस इंटरनेशनल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग की. बालेन ने कर्नाटक में विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की.
यूपी-बिहार ग्रेटर नेपाल का हिस्सा-
भारत को लेकर अब तक बालेन शाह का रूख कुछ अच्छा नहीं रहा है. वो भारत को लेकर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं. बालेन ने मेयर दफ्तर में ग्रेटर नेपाल का नक्शा लगवाया, जिसमें उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों को नेपाल में दिखाया गया है. आपको बता दें कि भारत की संसद में अखंड भारत का भित्तिचित्र लगा है. कहा जाता है कि बालेन शाह ने इसी के जवाब में ग्रेटर नेपाल का नक्शा लगवाया था.
फिल्म 'आदिपुरुष' को लेकर विवाद-
भारतीय फिल्म 'आदिपुरुष' को लेकर भी बालेन शाह का बयान सुर्खियों में रहा था. उन्होंने फिल्म 'आदिपुरुष' को लेकर काठमांडू में हिंदी फिल्मों की स्क्रीनिंग पर रोक लगाने की चेतावनी दी थी. बालेन शाह ने दावा किया था कि इस फिल्म में सीता को भारत की बेटी बताया गया है. जबकि सीता का जन्म नेपाल के जनकपुर में हुआ था. इसके बाद नेपाल के सेंसर बोर्ड ने आदिपुरुष को नेपाल में दिखाने पर रोक लगा दी गई थी.
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