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Orkney Islands: Norway में शामिल होना चाहता है Britain का ये हिस्सा, जानिए क्या है ऑर्केनी द्वीप समूह की पूरी कहानी

ब्रिटेन का Orkney Islands उससे अलग होना चाहता है. ये द्वीप समूह नॉर्वे में शामिल होना चाहता है. दरअसल ऑर्केनी द्वीप समूह 500 साल तक नॉर्वे का हिस्सा रहा है. इसके नेताओं ने ब्रिटेन और स्कॉटलैंड पर आर्थि उपेक्षा का आरोप लगाया है.

ब्रिटेन का Orkney द्वीप समूह नॉर्वे में शामिल होना चाहता है (Photo/ Wikipedia)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 04 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

ब्रिटेन का एक हिस्सा देश से अलग होना चाहता है. इस हिस्से का नाम Orkney द्वीप समूह है, जो स्कॉटलैंड के उत्तरी तट से करीब 10 मील दूर है. इसके काउंसिल लीडर जेम्स स्टॉकन ने कहा कि हम शासन के वैकल्पिक तरीकों पर विचार कर रहे हैं. ऑर्केनी द्वीप नॉर्वे में शामिल होना चाहता है. ऑर्केनी द्वीप समूह 70 द्वीपों से बना है, जिसमें 22 हजार की आबादी रहती है. इसके नेताओं ब्रिटिश और स्कॉटिश सरकारों पर सालों से आर्थिक उपेक्षा का आरोप लगाया है.

ऑर्केनी 500 साल रहा नॉर्वे का हिस्सा-
ऑर्केनी का नॉर्वे से ऐतिहासिक संबंध है, जिसकी वजह से काउंसिल लीडर इसमें शामिल होने का विचार कर रहे हैं. ये द्वीप समूह साल 1472 तक करीब 500 साल तक नॉर्वे का हिस्सा था. जेम्स स्टॉकन का कहना है कि साझा सांस्कृतिक समानता की वजह से ऑर्डेकियन हमेशा नॉर्वे लौटने की बात कहते हैं.

नॉर्वे में शामिल होने के अलावा और क्या हैं विकल्प-
ऑर्केनी द्वीप समूह और स्कॉटलैंड के बीच पैसे को लेकर विवाद ने हालात को और खराब कर दिया है. जेम्स स्टॉकन ने काउंसिल के लिए शासन के वैकल्पिक मॉडल का विकल्प तलाशने के लिए एक प्रस्ताव रखा है, जो अधिक राजकोषीय सुरक्षा और आर्थिक मौके प्रदान करता है. इस प्रस्ताव पर मंगलवार को पार्षदों को तय करना है कि इसका समर्थन करना है या नहीं. इस वैकल्पिक मॉडल में नॉर्वे में शामिल होने के अलावा भी कई विकल्प दिए गए हैं. इसमें क्राउन डिपेंडेंसी, चैनल द्वीप समूह में सरकार का सिस्टम, फरो आइलैंड्स जैसा मॉडल, डेनमार्क का स्वशाासित हिस्सा बनना शामिल है.

ब्रिटेन का इनकार-
ब्रिटिश सरकार ने इस तरह की किसी भी प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के प्रवक्ता ने कहा कि सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि यूके के किसी हिस्से पर क्राउन डिपेंडेंसी या विदेशी क्षेत्र का दर्जा देने के लिए कोई सिस्टम नहीं है. उन्होंने कहा कि मौलिक रूप से हम एक ब्रिटेन के तौर पर मजबूत हैं. इसको बदलने की हमारी कोई योजना नहीं है.

इंग्लैंड से अलग होने से स्कॉटलैंड का इनकार-
साल 2014 में एक जनमत संग्रह के में स्कॉटलैंड ने इंग्लैंड से अलग होने से इनकार कर दिया था. स्कॉटलैंड पिछले 300 सालों से इंग्लैंड के साथ है. ऑर्केनी तब से अपनी ऑटोनॉमी को मजबूत करने पर ध्यान दिया है. लीडर स्टॉकन ने कहा कि 1970 के दशक के आखिरी सालों से लगातार ब्रिटेन के नॉर्थ सी ऑयल को ऑर्केनी द्वीप समूह पर प्रोसेस्ड किया जाता है, लेकिन द्वीप समहू को इसका पर्याप्त फायदा नहीं मिला. हम चाहते हैं कि इसका फायदा यहां के लोगों के मिले. ऑर्केनी 250 मील दूर नॉर्वे में कैसे शामिल होगा, इसको लेकर स्टॉकन ने कुछ भी साफ नहीं कहा. उधर, नॉर्वे की तरफ से इस पर कोई भी बयान नहीं आया है. उनका कहना है कि ये ब्रिटेन का अंदरूनी मामला है.

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