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World Paper Bag Day हर साल 12 जुलाई को क्यों मनाया जाता है, कब बना था पहला पेपर बैग, जानें कागज के बैग की खूबियां

Paper Bag Day 2023: हर साल पेपर बैग डे एक निर्धारित थीम के तहत मनाया जाता है. पेपर बैग डे 2023 की थीम है यदि आप शानदार हैं, तो कुछ नाटकीय करें. 1852 में फ्रांसिस वोले नाम के एक अमेरिकी ने दुनिया में पहली बार पेपर बैग मशीन बनाया था. 

Paper Bag
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 8:32 PM IST
  • पेपर बैग्स 100 फीसदी किए जा सकते हैं री-साइकिल 
  • हर साल एक निर्धारित थीम के तहत मनाया जाता है पेपर बैग डे

प्लास्टिक बैग का उपयोग एक वैश्विक चिंता का विषय है. यह न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है. प्लास्टिक के बजाय पेपर बैग के उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल विश्व पेपर बैग डे मनाया जाता है. यह दिवस पूरी तरह से भविष्य की पीढ़ी के लिए पर्यावरण को बचाने के लिए लोगों को पेपर बैग चुनने के लिए प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है. 

कब बनी थी पहली पेपर मशीन 
1852 में फ्रांसिस वोले नाम के एक अमेरिकी आविष्कारक ने दुनिया में पहली बार पेपर बैग मशीन बनाया था. बाद में मार्गरेट ई नाइट ने एक और मशीन विकसित की, जो फ्लैट-बॉटम पेपर बैग का उत्पादन करती थी. इससे वह 'किराने की थैलियों की मां' के रूप में लोकप्रिय हो गईं, क्योंकि उनके बनाए पेपर बैग का इस्तेमाल किराने की दुकानों पर खूब किया जाता था. पिछले कुछ सालों में चार्ल्स स्टिलवेल और वाल्टर ड्यूबनेर जैसे कई आविष्कारक आए, जिन्होंने पेपर बैग को एक बेहतर डिजाइन दिया. हर साल पेपर बैग डे एक निर्धारित थीम के तहत मनाया जाता है. पेपर बैग डे 2023 की थीम है यदि आप शानदार हैं, तो कुछ नाटकीय करें. 

इंडिया में पेपर बैग का बाजार
एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में पेपर बैग बाजार में सालाना लगभग  4.1% की वृद्धि हुई है. अनुमान है कि 2022-2030 के दौरान पेपर बैग का बाजार 7.3 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा. पेपर बैग की मेकिंग में बहुत कम लागत लगती है, इसलिए इसका बिजनेस स्टार्टअप के लिए अच्छा मौका है. शहरी क्षेत्रों में प्रतिष्ठित ब्रांड्स के अलावा कपड़े की दुकान, आभूषण स्टोर, बेकरी, किराना दुकानें, सब्जी की दुकानें, स्नैक्स स्टोर, मिठाई की दुकानें आदि ने भी पेपर बैग का उपयोग करना शुरू कर दिया है. ऐसे में इस उद्योग में काफी स्कोप भी है. आज के समय में भारत दुनिया भर में पेपर बैग और इनसे बने प्रोडक्ट्स का बड़ा  निर्यातक है. भारत हर साल विकसित देशों को सालाना लगभग 400 करोड़ रुपए के पेपर बैग्स और अन्य पेपर प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करता है. पेपर उत्पादों में पेपर प्लेट्स, पेपर बैग्स, पेपर कप्स, पेपर बाउल्स और बहुत कुछ शामिल हैं. 

प्लास्टिक को विघटित होने में लग जाते हैं हजारों साल 
प्लास्टिक को विघटित होने में हजारों साल लगते हैं और यह जीव-जन्तुओं के लिए भी हानिकारक है. दुनियाभर से समुद्र में प्लास्टिक का कचरा जमा हो रहा है, जिससे मछलियों की मौतें हो रही हैं. इसे लेकर कई बार वैज्ञानिक चेतावनी दे चुके हैं कि साल 2050 तक समुद्र में मछलियों के बराबर ही प्लास्टिक कचरा होगा. इसके बाद दुनियाभर में प्लास्टिक बैन करने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए और लोगों ने भी इस बात को समझा. हालांकि अभी कई लोग प्लास्टिक के बैग का प्रयोग कर रहे हैं, जो चिंतनिय है.

पेपर बैग की खूबियां
1. पेपर बैग्स100 फीसदी री-साइकिल किए जा सकते हैं. 
2. पेपर बैग सिर्फ एक महीने में ही विघटित हो सकते हैं. 
3. प्लास्टिक बैग बनाने की तुलना में पेपर बैग बनाने में कम ऊर्जा खपत होती है. 
4. पेपर बैग पालतू या अन्य जानवरों के लिए उतने नुकसानदायक नहीं है, जितने कि प्लास्टिक बैग हैं. 
5. पेपर बैग का इस्तेमाल खाद बनाने के लिए भी किया जा सकता है.
6. पेपर बैग के उपयोग से पर्यावरण प्रदूषण पर अंकुश लगाया जा सकता है.
7. औसतन पेपर बैग के रेशों का यूरोप में 3.6 बार और दुनिया के बाकी हिस्सों में 2.4 बार पुन: उपयोग किया जाता है.
8. पेपर बैग का उपयोग फलों को पकाने, खिड़कियां साफ करने सहित कई कार्यों के लिए किया जा सकता है.


 

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