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Traditional Media: वेबसाइट और समाचारों से ज्यादा लोग टिकटॉक से ले रहे हैं न्यूज! पत्रकारों की तुलना में मशहूर सेलिब्रिटीज पर कर रहे हैं भरोसा

रॉयटर्स इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म ने अपनी डिजिटल न्यूज रिपोर्ट में कहा है कि दर्शक टिकटॉक, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म पर पत्रकारों की तुलना में मशहूर हस्तियों, प्रभावित करने वालों और सोशल मीडिया हस्तियों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं.

TikTok
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 15 जून 2023,
  • अपडेटेड 7:45 PM IST
  • 90 हजार से ज्यादा लोगों को किया गया सर्वे
  • समाचार को लेकर लोगों का विश्वास हो गया है कम

जैसे-जैसे नई सुविधाएं आ रही हैं वैसे-वैसे लोगों का न्यूज पढ़ने और देखने का तरीका बदलता जा रहा है. खबरें पढ़ने के लिए लोग अब समाचार और वेबसाइट पर कम जा रहे हैं. मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर किसी वेबसाइट या ऐप के माध्यम से समाचारों तक पहुंचने वाले लोगों की संख्या में 2018 के बाद से 10 अंक की गिरावट आई है. युवा अब सोशल मीडिया, सर्च या मोबाइल एग्रीगेटर्स के माध्यम से समाचार पढ़ना पसंद करते हैं. 

लगातार बढ़ रहा है आंकड़ा 

रॉयटर्स इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म ने अपनी वार्षिक डिजिटल न्यूज रिपोर्ट में कहा है कि दर्शकों का टिकटॉक, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म पर पत्रकारों की तुलना में मशहूर हस्तियों, इंफ्लूएंसर्स (Influencers) और सोशल मीडिया पर मशहूर हस्तियों की तरफ झुकाव ज्यादा बढ़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक, टिकटॉक सबसे तेजी से बढ़ने वाला सोशल नेटवर्क है, जिसका उपयोग 18 से 24 साल के 20% लोग समाचारों को जानने के लिए कर रहे हैं. ये आंकड़ा, पिछले साल से पांच प्रतिशत ज्यादा है. 2017 में 10 में से 6 ने तेजी से अपनी रूचि के बारे में बताया था. 

सर्वे में शामिल हुए 90 हजार से ज्यादा लोग 

रॉयटर्स इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर रासमस नीलसन ने रिपोर्ट में कहा, "इस बात की उम्मीद करने का कोई उचित आधार नहीं है कि 2000 के दशक में पैदा हुए लोग अचानक पुराने जमाने की वेबसाइटों को पसंद करने लगेंगे, ब्रॉडकास्ट और प्रिंट की तो बात ही छोड़ दें. इस सर्वे में लगभग 94,000 वयस्क शामिल हुए थे, जिसे यू.एस. सहित 46 देशों में आयोजित किया गया था. 

सर्वे में एक तिहाई से भी कम ने कहा कि खबरें पढ़ने के लिए वे अभी भी समाचारपत्रों या वेबसाइट का सहारा लेते हैं. 2016 से इस आंकड़ें में 6 अंकों की गिरावट हुई है. उनका मानना है कि लोग अभी भी संपादकों या पत्रकारों की तुलना में एल्गोरिदम द्वारा अपनी खबरों को चुनना पसंद करते हैं.

समाचार को लेकर लोगों का विश्वास हो गया है कम

लोगों का समाचारपत्रों में भरोसा पिछले एक साल में 2 प्रतिशत और गिर गया है. इसका कारण कोरोनोवायरस महामारी को भी बताया जा रहा है. औसतन, 40% लोगों का कहना है कि वे ज्यादातर समय समाचारपत्रों पर भरोसा करते हैं. अमेरिका ने समाचारपत्रों में उनके भरोसे में 6-पॉइंट की वृद्धि देखी है, ये आंकड़ा 32% तक है. लेकिन ये अब तक हुए सभी सर्वे में सबसे कम है.

सर्वे में शामिल 56% लोगों का कहना है कि वे इंटरनेट पर फेक और असली न्यूज के बीच अंतर की पहचान करने को लेकर चिंतित हैं. सर्वे में पाया गया कि 48% लोगों के मुताबिक वे समाचारपत्रों में बहुत या अत्यधिक रुचि रखते हैं ये आंकड़ा  2017 में 63% तक था. 
 

 

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