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रूस में दिया गया लोगों को घर पर रहने का आदेश, अगले हफ्ते होगा ‘नॉन वर्किंग वीक’

रूस में लगातार बढ़ रहे Covid-19 के मामलों को देखते हए अगले हफ्ते को ‘नॉन वर्किंग वीक’ घोषित किया गया है. 30 अक्टूबर से 7 नवंबर तक लोगों को घर में रहने की सलाह दी गयी है. रूस, अगस्त 2020 में, कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया था.

रूस में अगले हफ्ते होगा ‘नॉन वर्किंग वीक’
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 12:54 PM IST
  • 30 अक्टूबर से 7 नवंबर तक होगा ‘नॉन वर्किंग वीक’
  • कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने वाला दुनिया का पहला देश है रूस

कोविड के बढ़ते नए मामलों को देखते हुए रूस में अगले हफ्ते ‘नॉन वर्किंग वीक’ घोषित कर दिया है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने लोगों से अपील की है कि जितना हो सके वे अपने घरों में ही रहें. ये ‘नॉन वर्किंग वीक’ 30 अक्टूबर से 7 नवंबर तक रखा गया है. यानि वहां लोगों को काम पर नहीं जाने का आदेश दिया गया है. इस दौरान सभी अपने घरों से रहकर ही काम करेंगे.  

राष्ट्रपति ने दी घर पर रहकर काम करने की सलाह 

रूस में 30 अक्टूबर से 7 नवंबर के बीच लोगों को काम पर नहीं जाने का आदेश दिया गया है. इसके साथ अगर फिर भी मामले बढ़ते हैं तो इस अवधि को 7 नवंबर के बाद भी बढ़ाया जा सकता है. रॉयटर्स के अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शीर्ष अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉल में कहा, "हमारा काम आज हमारे नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा करना और खतरनाक संक्रमण के परिणामों को कम करना है."

'नॉन वर्किंग' का क्या मतलब है?

The Moscow Times के अनुसार, ‘नॉन वर्किंग’ का मतलब पेड छुट्टी यानि इस छुट्टी के लिए भुगतान दिया जायेगा. "गैर-कामकाजी" अवधि गैर-आवश्यक श्रमिकों के लिए प्रभावी रूप से एक भुगतान छुट्टी है. इस दौरान सभी व्यवसायों और सेवाओं, डाइनिंग, खेल, मनोरंजन और फिल्म स्क्रीनिंग को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं. केवल वही संगठन खोले जायेंगे जो बेसिक होंगे जैसे दवाएं और खान-पान के सामान बेचने वाले. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसपर कहा है कि सभी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान किया जाना चाहिए. 

हालांकि, रूसी लेबर कोड में नेशनल हॉलिडे और साप्ताहिक छुट्टी से अलावा "नॉन-वर्किंग डे" कानूनी रूप से परिभाषित नहीं किया गया है. पहली बार इसकी मांग कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए अधिकारियों ने की थी.

हर दिन बढ़ रहे हैं नए मामले 

आपको बता दें, रूस, अगस्त 2020 में, कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया था. हालांकि वैक्सीन हेजिटेन्सी (Vaccine Hesitancy) के कारण कई लोगों ने डोज नहीं लगवाई थी. रूस की कोविड टास्क फोर्स के अनुसार, रविवार को 24 घंटों में 37 हजार से अधिक नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो महामारी की शुरुआत के बाद से सबसे अधिक संख्या है. वहीं इसी दौरान 1 हजार से अधिक मौतें भी दर्ज की गयी हैं.

 

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