अगर आपसे कोई कहे कि सोने की भी प्रतियोगिता होती है, तो शायद आप पहले हंस पड़ें या इसे मजाक समझ लें. लेकिन दुनिया में एक ऐसी जगह भी है जहां लोग ट्रॉफी जीतने के लिए नहीं, बल्कि सबसे गहरी और सुकून भरी नींद लेने के लिए मुकाबला करते हैं. दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित यह अनोखा 'पावर नैप कॉन्टेस्ट' कुछ ऐसा ही है, जहां थके-हारे लोग आते हैं सिर्फ सोने के लिए'
पार्क में बिछे गद्दे लोग पहुंचे सोने
यह अनोखा आयोजन Seoul Metropolitan Government ने हान नदी के किनारे एक पार्क में कराया. दोपहर 3 बजे शुरू हुए इस इवेंट में हिस्सा लेने वालों के लिए कुछ खास शर्तें भी रखी गई थीं थके हुए आओ, पेट भरकर आओ और सोने के लिए मजेदार ड्रेस पहनकर आओ.
किसी ने राजा की ड्रेस पहनी, तो कोई कोआला बनकर पहुंचा. पूरा माहौल बिल्कुल फेस्टिवल जैसा नजर आया, लेकिन यहां डांस या म्यूजिक नहीं, बल्कि नींद का जश्न मनाया जा रहा था.
कम नींद से जूझ रहे लोग, कॉन्टेस्ट बना राहत
दक्षिण कोरिया को दुनिया के सबसे ज्यादा काम करने वाले देशों में गिना जाता है. यहां के लोग अक्सर कम नींद की समस्या से जूझते हैं. ऐसे में यह कॉन्टेस्ट लोगों के लिए एक तरह से राहत बनकर सामने आया.
20 साल के छात्र पार्क जून-सोक ने बताया कि वह पढ़ाई और पार्ट-टाइम जॉब के चलते रोज सिर्फ 3-4 घंटे ही सो पाते हैं. वहीं 24 साल की टीचर यू मी-योन को नींद न आने की समस्या है. वह कोआला की ड्रेस पहनकर आईं, क्योंकि कोआला गहरी नींद के लिए जाने जाते हैं.
कैसे चुना गया विजेता?
कॉन्टेस्ट में सिर्फ सोना ही काफी नहीं था, बल्कि अच्छी और सुकून की नींद लेना भी जरूरी था. इसके लिए आयोजकों ने प्रतिभागियों की हार्ट रेट (दिल की धड़कन) भी चेक की, ताकि पता लगाया जा सके कि कौन सबसे गहरी नींद में है.
इस प्रतियोगिता के विनर बने 80 साल के एक बुजुर्ग, जबकि 37 साल के ऑफिस वर्कर ह्वांग डू-सियोंग दूसरे स्थान पर रहे. उन्होंने बताया कि लगातार नाइट शिफ्ट और काम के कारण वह बेहद थक चुके थे, इसलिए उन्होंने इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया.