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Brazil में बैन हुआ Elon Musk का X! VPN से चलाने वालों पर लगेगा जुर्माना, जानिए क्या है पूरा मामला

मोराइस ने इस साल एक्स को आदेश दिया था कि वह झूठी खबरें और नफरती बातें फैलाने के आरोपी अकाउंट्स को ब्राजील में बैन करे. मस्क ने इस आदेश का पालन करने से इनकार किया. मस्क ने विरोध करते हुए करीब एक माह पहले ब्राजील में एक्स के ऑफिस भी बंद कर दिए थे.

gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 31 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 8:39 AM IST

दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील ने लंबे विवाद के बाद एलन मस्क (Elon Musk) के ऐप एक्स (X/Twitter) पर बैन लगा दिया है. ब्राजील के दूरसंचार नियामकों ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश के आदेश के बाद इस सोशल नेटवर्किंग साइट को देश में बंद करने पर काम कर रहे हैं.
दरअसल एक्स की सेंसरशिप पॉलिसी को लेकर मस्क और ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एलेक्जेंड्रे डी मोराइस के बीच विवाद चल रहा था. मस्क को एक निर्धारित समय सीमा के अंदर ब्राजील में एक कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए कहा गया था. ऐसा न करने पर अदालत ने एक्स पर बैन लगाने का निर्णय लिया है. 

क्या है पूरा मामला?
दरअसल न्यायमुर्ती मोराइस ने इस साल एक्स को आदेश दिया था कि वह झूठी खबरें और नफरती बातें फैलाने के आरोपी अकाउंट्स को ब्राजील में बैन करे. मस्क ने इस आदेश का पालन करने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि अदालत का यह आदेश सेंसरशिप (Censorship) को बढ़ावा देता है. 

अप्रैल 2024 में मोराइस ने मस्क के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए. अदालत का कहना था कि कोई व्यक्ति ब्राजील के बाहर बैठकर देश के कानूनों का उल्लंघन नहीं कर सकता.

मस्क ने विरोध करते हुए करीब एक माह पहले ब्राजील में एक्स के ऑफिस बंद कर दिए. ब्राजील में एक्स चलता रहा लेकिन देश में अपने दफ्तर बंद करना मस्क को भारी पड़ा. ब्राजील की शीर्ष अदालत ने बुधवार शाम चेतावनी दी कि अगर एक्स 24 घंटे के अंदर ब्राजील में अपना एक कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त नहीं करता तो वह देश में बैन हो सकता है. मस्क ऐसा करने में विफल रहे जिसके बाद मोराइस ने एक्स को ब्राजील में बैन करने का फैसला सुनाया.

"अराजकता में भागीदार है एक्स"
न्यायमूर्ति मोराइस ने अपने आदेश में एक्स को ब्राजील में अराजकता फैलाने के लिए जिम्मेदार बताया. उन्होंने आदेश में लिखा, "एक्स ब्राजील में अराजकता और गैर-जिम्मेदाराना बर्ताव को बढ़ावा दे रहा है. जो 2024 के स्थानीय चुनावों में भी देखने को मिला. चरमपंथी समूह और डिजिटल सेनाएं इस प्लेटफॉर्म को नाज़ीवादी, फासीवादी, नफरती और लोकतंत्र-विरोधी बातें फैलाने के लिए कर रहे हैं."

मोराइस ने अपने आदेश में यह भी बताया कि वीपीएन के जरिए एक्स इस्तेमाल करने वालों पर 50,000 ब्राजीलियन हेआइस (7.47 लाख रुपए) का जुर्माना लगेगा. 

क्या बोले मस्क?
फैसला सामने आने के कुछ मिनट बाद ही मस्क ने एक्स पर लिखा, "फ्री स्पीच लोकतंत्र का आधार है और ब्राजील में एक अनिर्वाचित न्यायाधीश इसे राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नष्ट कर रहा है. ब्राजील में दमनकारी शासन लोगों तक सच्चाई पहुंचने से इतना डरता है कि वे कोशिश करने वाले किसी भी इंसान को दिवालिया बना देंगे." 

रॉयटर्स की एक खबर के अनुसार, फिलहाल ब्राजील में एक्स चलाया जा सकता है. एक्स को बैन करने के लिए जिम्मेदार एजेंसी अदालत के आदेश पर काम कर रही है, लेकिन इसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है.

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