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Berlin Hindu Temple: दीपावली पर Germany का बड़ा तोहफा, बर्लिन में खुलने जा रहा सबसे बड़ा मंदिर

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में सबसे बड़ा हिंदू मंदिर तैयार हो रहा है. दीपावली के मौके पर इस मंदिर में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा होगी. इसके लिए भव्य कार्यक्रम के आयोजन की तैयारी है. 20 साल से इस मंदिर का निर्माण हो रहा था, जो अब पूरा होने वाला है.

जर्मनी के बर्लिन में सबसे बड़ा हिंदू मंदिर तैयार हो रहा है (Photo/twitter)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 05 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 1:17 PM IST

इस साल दीपावाली पर जर्मनी में रहने वाले हिंदुओं को बड़ा तोहफा मिलने वाला है. जर्मनी की राजधानी बर्लिन में सबसे बड़े हिंदू मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने वाला है.  इस दीपावली पर इस मंदिर को भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा. इस मंदिर को बनाने का प्रोजेक्ट 20 साल पहले शुरू हुआ था, जिसका काम अब पूरा होने वाला है.

जल्द होगी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा-
इस मंदिर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. ढांचा पूरी तरह से तैयार है. हालांकि अब तक इस मंदिर में भगवान की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा नहीं हुई है. लेकिन इस मंदिर के भव्य उद्घाटन की तैयारी अभी से शुरू हो गई है. जल्द ही जर्मनी की राजधानी बर्लिन के सबसे बड़े मंदिर में श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे.

कृष्णमूर्ति ने निभाई अहम भूमिका-
बर्लिन में मंदिर बनाने में 70 साल के विल्वनाथन कृष्णमूर्ति ने अहम भूमिका निभाई है. कृष्णमूर्ति भारतीय समुदाय के हैं और पिछले 50 साल से बर्लिन में रह रहे हैं. कृष्णमूर्ति ने इलेक्ट्रिकल कंपनी एईजी कंपनी में काम किया. जब से वो जर्मनी में जाकर बस हैं, तब से उनका एक ही सपना था कि बर्लिन में हिंदुओं के लिए मंदिर बने. इसके लिए उन्होंने काफी मेहनत की. सबसे पहले उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए एसोसिएशन बनाया.

20 साल पहले बना था मंदिर का प्रोजेक्ट-
बर्लिन में मंदिर बनाने का प्रोजेक्ट 20 साल पहले बनाया गया था. मंदिर के लिए कृष्णमूर्ति ने तब से लेकर अब तक लंबा रास्ता तय किया है. साल 2004 में मंदिर बनाने के लिए एसोसिएशन की स्थापना की गई थी. इसके बाद बर्लिन जिा प्राधिकरण ने हसेनहाइड पार्क के किनारे पर जमीन आवंटित किया. साल 2007 में मंदिर का निर्माण शुरू होने का समय तय किया गया. लेकिन इस बीच पैसों की दिक्कत आने लगी और समय पर निर्माण शुरू नहीं हो पाया. बर्लिन में 15 हजार भारतीय मूल के लोग रहते हैं. मंदिर एसोसिएशन का कहना है कि पिछले 5 साल में दान में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. आपको बता दें कि पिछले कुछ सालों से बर्लिन जाने वाले युवाओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. अब मंदिर का निर्माण करीब-करीब पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे उद्घाटन भी होगा.
मंदिर के उद्घाटन को लेकर 6 दिन के कार्यक्रम को आयोजित करने की तैयारी है. इस कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीगणेश की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी.

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