इजरायल की कंपनी NSO ग्रुप को अमेरिका ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है. इसके अलावा हैकिंग टूल के बेचने वाली एक दूसरी कंपनी पर भी कुछ बैन लगाए हैं.
इजराइल की ये कपंनियां अब नहीं कर पाएगी व्यापार
NSO और हैकिंग टूल वाली कपंनी पर लगे प्रतिबंध के बाद अब ये कपंनियां अमेरिका के साथ ट्रेड नहीं कर पाएंगी. कॉमर्स डिपार्टमेंट ने कहा कि "एनएसओ ग्रुप और फर्म कैंडिरू को "एंटिटी लिस्ट" में जोड़ा जा रहा है, जो एक तरह का ब्लैकलिस्ट है. कॉमर्स डिपार्टमेंट ने आगे कहा कि, "इन कंपनियों को एंटिटी लिस्ट (ब्लैकलिस्ट) में रखना अमेरिकी विदेश नीति में मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए बाइडेन प्रशासन के प्रयासों का हिस्सा था."
इन दोनों कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने के पीछे अमेरिका का मकसद हैंकिग मामले में जवाबदेह ठहराना है. साथ ही नागरिकों, सरकारी अधिकारियों और विदेशों में संगठनों की साइबर सुरक्षा को खतरे से बचाना भी है. ये पूरी तरह से बाइडन प्रशासन के प्रयासों का हिस्सा है.
अमेरिका ने इन कंपनियों को पहले ही कर रखा है ब्लैक
अमेरिका ने रूस की पॉजीटिव टेक्नोलॉजीज और सिंगापुर की कंप्यूटर सिक्योरिटी इनिशिएटिव कंसल्टेंसी पीटीई लिमिटेड को भी ब्लैकलिस्ट कर रखा है. इसके पीछे अमेरिका का ये कहना है कि इन कंपनियों ने साइबर उपकरणों की तस्करी की थी. कॉमर्स डिपार्टमेंट ने यह भी दावा किया कि ये कंपनियां अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा या विदेश नीति के हितों के खिलाफ गतिविधियों में शामिल थी.