अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान युद्ध के बीच एक अच्छी खबर आई है. यह युद्ध फिलहाल दो हफ्तों के लिए रुक गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि पाकिस्तान के अनुरोध पर वह दो हफ्तों के सीजफायर के लिए मान गए हैं. उधर, ईरान भी युद्धविराम पर सहमत हो गया है.
ईरान ने जहां 10 प्वाइंट्स का सीजफायर प्रस्ताव दिया है, वहीं अमेरिका ने एक बड़ी शर्त रखी है. ईरान को तुरंत पूरी तरह से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना होगा. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपने एक पोस्ट में साफ कहा था कि यदि ईरान जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता और समझौता नहीं करता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को विस्तृत प्रस्ताव भेजा है, जिसे अमेरिकी पक्ष अब बातचीत के लिए लेकर आएगा. अब ईरान और अमेरिका 11 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत करेंगे.
आपको मालूम हो कि इस युद्ध की शुरुआत गत 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल की तरफ से ईरान पर हमले के साथ हुई थी. जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. अमेरिका-इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जमकर हमले किए थे. इजराइल पर भी ईरान ने मिसाइलें दागीं थी. इस जंग के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बड़े पैमाने पर बाधित हुई. इससे कई देशों में गैस और तेल को दामों पर असर पड़ा.
क्या बोले ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रप ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया, जिन्होंने प्रस्तावित हमलों को टालने की अपील की थी. ट्रंप ने यह भी साफ किया कि यह रोक सशर्त है.अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका पहले ही अपने कई सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है. अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में तेजी से काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान की तरफ से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के आधार के रूप में देखा जा रहा है. ट्रंप का दावा है कि अमेरिका और ईरान के बीच पुराने विवादों के अधिकतर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है. अब इन सीजफायर के दो हफ्तों में समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो यह पश्चिम एशिया में लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा.
होर्मुज से जहाज को सुरक्षित आवाजाही की अनुमति
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के एक बयान के मुताबिक ईरान का कहना है कि उसने एक बड़ी जीत हासिल की है और अमेरिका को अपनी 10-सूत्रीय योजना स्वीकार करने के लिए मजबूर कर दिया है. युद्धविराम की सहमति के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यदि ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो उसकी सेना भी अपनी जवाबी कार्रवाई रोक देगी. उन्होंने यह घोषणा ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से की. अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनिर का धन्यवाद किया, जिन्होंने क्षेत्र में शांति लाने के लिए प्रयास किए.
युद्धविराम पर क्या हैं ईरान की 10 प्वाइंट में प्रस्ताव
1. अहिंसा के प्रति प्रतिबद्धता. अमेरिका हमला नहीं करेगा (Non-aggression)
2. होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कंट्रोल बना रहेगा.
3. यूरेनियम संवर्धन की मंजूरी.
4. सभी प्राथमिक प्रतिबंधों (Primary sanctions) को हटाना.
5. सभी द्वितीयक प्रतिबंधों (Secondary sanctions) को भी खत्म करना.
6. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना.
7. बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना.
8. ईरान को मुआवजे का भुगतान.
9. क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी.
10. लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ लड़ाई समेत सभी मोर्चों पर युद्ध विराम.